यूरोपीय संघ में भारत सहित अन्य देशों से चावल का आयात नियंत्रित होने की संभावना

05-Dec-2025 11:59 AM

ब्रुसेल्स। यूरोपीय संघ द्वारा भारत तथा अन्य एशियाई देशों से चावल के आयात को शीघ्र ही नियंत्रित किए जाने की संभावना है जो स्थानीय किसानों एवं मिलर्स के हितों की सुरक्षा के लिए उठाया जाने वाला एक कदम होगा।

हालांकि प्रत्यक्ष रूप से चावल के आयात पर प्रतिबंध नहीं लगाया जाएगा लेकिन विभिन्न उपायों के जरिए इसकी मात्रा को सीमित रखा जाएगा। 

यह मामला कुछ चौकाने वाला है। भारत और यूरोपीय संघ व्यापार संधि के लिए प्रतिबद्ध है और इस समझौते के कुल; 23 चैप्टर में से 11 चैप्टर पर सहमति पहले ही बना चुकी है।

उद्योग विश्लेषक के अनुसार यूरोपीय संघ का यह कदम एक दरवाजे को बंद करने एवं दूसरे दरवाजे को खोलने जैसा है। 

नवीनतम घटनाक्रम के तहत यूरोपियन कौंसिल एवं संसद ने बासमती चावल तथा गैर बासमती चावल के आयात के लिए एक विशिष्ट 'ऑटोमैटिक सेफगार्ड मैकेनिज्म' निर्धारित करने का निर्णय लिया है जिसका उद्देश्य भारत, पाकिस्तान, वियतनाम,

थाईलैंड, म्यांमार एवं कम्बोडिया जैसे देशों को निशाना बनाना है। 1 दिसम्बर 2025 को यूरोपीय कौंसिल तथा संसद द्वारा एक टैरिफ रेट कोटा प्रणाली के माध्यम से इस विशिष्ट ऑटोमैटिक सेफगार्ड मैकेनिज्म का उपयोग करने पर सहमति व्यक्त की है। 

नियम में कहा गया है कि अगर यूरोपीय संघ में चावल का आयात ऐतिहासिक औसत स्तर से काफी ऊपर पहुंचता है तो यह सेफगार्ड सिस्टम स्वतः लागू हो जाएगा।

यह सिस्टम इस बात को सुनिश्चित करेगा की यूरोपीय संघ के चावल बाजार को सुरक्षित रखने हेतु एक निश्चित समयावधि के लिए सर्वाधिक अनुकूल राष्ट्र (एमएफएन) वाला मुल्क प्रभावी हो जाएगा।

यह नया नियम 1 जनवरी 2027 से प्रभावी होने की संभावना है। इससे एशिया के चावल निर्यातक देशों को अपनी रणनीति बनाने में सहायता मिल जाएगी। यूरोपीय संघ में भारत और पाकिस्तान से अच्छी मात्रा में बासमती चावल का आयात किया जाता है।