यूरोपीय संघ में बासमती के जीआई टैग पर निर्णय शीघ्र ही होने की संभावना
18-Dec-2025 01:15 PM
ब्रुसेल्स। हालांकि यूरोपीय संघ बासमती चावल के लिए संरक्षित भौगोलिक संकेतक (जीआई) टैग हेतु भारत और पाकिस्तान द्वारा दाखिल किए गए आवेदनों का मूल्यांकन करने के अंतिम चरण में पहुंच गया है और वहां इस मुद्दे पर शीघ्र ही निर्णय लिए जाने की संभावना है
लेकिन फेडरेशन ऑफ यूरोपियन राइस मिलर्स बासमती चावल को जीआई टैग दिए जाने के खिलाफ है। यदि भारत को भी जीआई टैग अथवा जीआई टैग हासिल हो जाता है तो उसे यूरोपीय संघ के बाजार में इस लम्बे दाने वाले प्रीमियम क्वालिटी के सुगंधित चावल के कारोबार का एकल अधिकार मिल जाएगा।
उल्लेखनीय है कि 7 जुलाई 2025 को आयोजित एक मीटिंग में यूरोपीय आयोग ने सिविल डायलॉग ग्रुप को बताया था कि जीआई टैग के मुद्दे पर बातचीत की प्रगति धीमी है। अब जल्दी ही इस पर निर्णय लिया जा सकता है।
आयोग ने कहा था कि बासमती चावल के जीआई टैग पर समर्थन एवं विरोध पर दिए जाने वाले तर्कों एवं कारकों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाएगा और उसके बाद से उचित तथा समान स्तरीय निर्णय लिया जाएगा।
यद्यपि फेडरेशन ऑफ यूरोपियन राइस मिलर्स द्वारा बासमती के लिए पीजीआई टैग दिए जाने का जोरदार विरोध किया जा रहा है क्योंकि जीआई टैग दिए जाने के बाद उसके कुछ सदस्यों को अपने ब्रांड नाम से बासमती चावल की बिक्री करने से वंचित होना पड़ेगा लेकिन ऐसा लगता है कि यूरोपीय आयोग इस विरोध को नजरअंदाज कर सकता है।
एक अग्रणी विश्लेषक के अनुसार यूरोपीय संघ में भारतीय बासमती चावल को जी आई टैग मिलने के रास्ते में इस फेडरेशन के साथ-साथ पाकिस्तान भी अवरोध उत्पन्न कर रहा है।
केन्या और न्यूजीलैंड जैसे देशों में भारत पहले ही अपना केस गंवा चुका है इसलिए यूरोपीय संघ में उसे मजबूती से अपना पक्ष प्रस्तुत करने की आवश्यकता है।
