15 सहकारी चीनी मिलों को एनसीडीसी से मिलेगा ऋण
06-Oct-2025 05:59 PM
नासिक। केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा है कि सहकारी क्षेत्र की 15 चीनी मिलों को सीबीजी, पोटाश प्लांटों की स्थापना के लिए राष्ट्रीय सहकारिता विकास निगम (एनसीडीसी) से ऋण या अनुदान दिया जाएगा।
सहकारिता मंत्री के अनुसार कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) तथा पोटाश उत्पादन प्लांट की स्थापना के लिए देश की ऐसी 15 सहकारी चीनी मिलों का चयन किया जाएगा जिसे निगम की ओर से वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी।
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर जिले के कोपर गांव तहसील में अवस्थित एक सहकारी चीनी मिल में सीबीजी यूनिट, स्प्रे ट्रायर एवं पोटाश ग्रेन्यूल मैन्युफैक्चरिंग सुविधा (प्लांट) का उद्घाटन करते हुए सहकारिता मंत्री ने कहा कि यह प्रोजेक्ट भारत के सहकारी क्षेत्र में एक नए अध्याय की शुरुआत है।
धीरे-धीरे देश के अन्य भागों में भी इस तरह के प्लांटों का निर्माण किया जाएगा। जिससे चीनी मिलों को अतिरिक्त आमदनी प्राप्त होगी और गन्ना उत्पादकों को सही समय पर उसके बकाए का भुगतान संभव हो सकेगा। सहकारी चीनी मिलों के परिसर में पोटाश प्लांट की स्थापना काफी लाभदायक साबित होगी।
महाराष्ट्र में सहकारी चीनी मिलों की संख्या देश के अन्य राज्यों से ज्यादा है और वहां चीनी का भारी उत्पादन भी होता रहा है लेकिन पिछले कई वर्षों से खराब प्रबंधन के कारण अधिकांश मिलें घाटे में चल रही थीं।
अब सरकार नए वैकल्पिक उपायों के जरिए उसकी आर्थिक स्थिति सुधारने का प्रयास कर रही है। इसमें कुछ समय लग सकता है। केन्द्र सरकार सहकारी चीनी मिलों के प्रबंधन को बार-बार समय के साथ चलने तथा आधुनिक तकनीक अपनाने का सुझाव देती रही है ताकि उसे प्राइवेट चीनी मिलों की भांति लाभप्रद स्थिति में लाया जा सके।
