43 लाख टन का सरकारी स्टॉक दलहन बाजार को स्थिर रखने में सहायक
12-Jun-2026 04:06 PM
नई दिल्ली। नवीनतम सरकारी आंकड़ों से पता चलता है कि केन्द्रीय बफर स्टॉक में लगभग 43 लाख टन दलहनों का विशाल भंडार मौजूद है जबकि विदेशों से इसका आयात भी नियमित रूप से हो रहा है। आयात का सिलसिला आगे भी बरकरार रहेगा।
लेकिन भारत में अल नीनो मौसम चक्र के प्रभाव एवं कमजोर मानसून की आशंका के कारण यदि खरीफ कालीन दलहन फसलों- अरहर (तुवर), उड़द एवं मूंग का घरेलू उत्पादन प्रभावित होने की सूचना वैश्विक बाजार में फैली तो प्रमुख निर्यातक देश दलहनों का ऑफर मूल्य बढ़ाने का प्रयास कर सकते हैं। इससे भारत में दलहनों का आयात महंगा होने तथा बाजार भाव ऊंचा एवं तेज रहने की संभावना बढ़ सकती है।
मई 2026 में दलहनों का सरकारी स्टॉक बढ़कर 43 लाख टन पर पहुंच गया जो मई 2025 एवं मई 2024 में उपलब्ध स्टॉक के मुकाबले दोगुने से भी ज्यादा है। चना की सरकारी खरीद 20.35 लाख टन तथा तुवर की खरीद 5.34 लाख टन से ऊपर रही।
उद्योग-व्यापार विश्लेषकों के अनुसार यद्यपि सरकार ने 2026-27 के खरीफ सीजन हेतु 40 लाख टन तुवर के उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित किया है लेकिन यदि बिजाई कम हुई तथा मौसम एवं मानसून की हालत अनुकूल नहीं रही तो इसका सकल उत्पादन 30 लाख टन तक भी पहुंचने में संदेह रहेगा।
उड़द की पैदावार में भी कमी आ सकती है। विदेशों से आयात बढ़ाकर इसकी कमी को पूरा किया जा सकेगा। घरेलू प्रभाग में आपूर्ति एवं उपलब्धता बढ़ाने तथा कीमतों को नियंत्रित रखने में विशाल सरकारी स्टॉक सहायक बनेगा।
भारत में म्यांमार से उड़द एवं तुवर, अफ्रीकी देशों से तुवर एवं चना, ब्राजील से उड़द, कनाडा से मटर एवं मसूर ऑस्ट्रेलिया से मसूर एवं देसी चना तथा रूस-यूक्रेन से मटर का आयात बड़े पैमाने पर होता है।
