अगले महीने से गेहूं की सरकारी खरीद की बढ़ेगी रफ्तार
27-Mar-2025 04:27 PM
नई दिल्ली। यद्यपि मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश एवं गुजरात जैसे राज्यों में गेहूं की अगैती बिजाई वाली फसल की कटाई-तैयारी एवं मंडियों में आपूर्ति मध्य मार्च से ही शुरू हो गई लेकिन उसकी सीमा एवं मात्रा सीमित देखी जा रही है।
उपरोक्त प्रांतों के साथ-साथ पंजाब, हरियाणा एवं बिहार जैसे राज्यों में अगले महीने यानी अप्रैल- 2025 से नए गेहूं की आवक तेजी से बढ़ेगी और तब सरकारी खरीद की रफ्तार भी बढ़ जाएगी।
मध्य प्रदेश एवं राजस्थान में अतिरिक्त बोनस की घोषणा होने से किसान सरकारी क्रय केन्द्रों पर अधिक से अधिक मात्रा में अपना गेहूं बेचने का प्रयास कर सकते हैं।
केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2024-26 के रबी सीजन में गेहूं का घरेलू उत्पादन तेजी से बढ़कर 1154.30 लाख टन के ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया है जो 2023-24 सीजन के अनुमानित रिकॉर्ड उत्पादन 1132.90 लाख टन से काफी अधिक है।
इसके बावजूद खाद्य मंत्रालय ने एहतियात बरतते हुए 310 लाख टन गेहूं की खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया है क्योंकि मंडियों में इसका भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य से ऊंचा चल रहा है।
उद्योग- व्यापार संगठनों का मानना है कि इस वर्ष गेहूं का घरेलू उत्पादन अधिक से अधिक 1100 लाख टन तक पहुंच सकता है और ऐसा प्रतीत होता है कि कीमतों पर मनोवैज्ञानिक असर डालने के लिए उत्पादन का अनुमान बढ़ा चढ़ाकर पेश किया गया है।
वैसे भी सरकार ने अभी दो अग्रिम अनुमान ही जारी किए हैं जबकि दो अनुमान और जारी होने वाला है जिसमें गेहूं के उत्पादन आंकड़े को व्यवस्थित किया जा सकता है।
पंजाब, हरियाणा एवं मध्य प्रदेश केन्द्रीय पूल में गेहूं का सर्वाधिक योगदान देने वाले तीन राज्य है। इसके अलावा उत्तर प्रदेश, राजस्थान एवं बिहार जैसे प्रांतों में भी अच्छी मात्रा में गेहूं की खरीद की जाती है।
पिछले दो-तीन वर्षों से उत्तर प्रदेश, राजस्थान तथा बिहार में गेहूं की सरकारी खरीद का प्रदर्शन संतोषजनक नहीं रहा है। इस बार राजस्थान में खरीद कुछ बढ़ सकती है।
