अखरोट का वैश्विक उत्पादन 4 प्रतिशत बढ़कर 27.35 लाख टन पर पहुंचने का अनुमान

19-Dec-2025 06:03 PM

शंघाई। यद्यपि मौसम में होने वाले बदलाव के कारण अखरोट (वाल नट) का उत्पादन कुछ महत्वपूर्ण देशों में घटने तथा कुछ अन्य प्रमुख उत्पादक देशों में बढ़ने की संभावना है लेकिन कुल मिलाकर इसका वैश्विक उत्पादन 2024-25 सीजन के 26.19 लाख टन से करीब 4 प्रतिशत या 1.16 लाख टन बढ़कर 2025-26 के सीजन में 27.35 लाख टन पर पहुंच जाने का अनुमान लगाया जा रहा है। 

पिछले साल के मुकाबले मौजूदा सीजन के दौरान जिन देशों में अखरोट का उत्पादन करने की संभावना है उसमें चीन, तुर्की, भारत एवं हंगरी आदि शामिल हैं। दूसरी ओर अमरीका, चिली, यूक्रेन, रोमानिया, ईरान, फ्रांस, अर्जेन्टीना, स्पेन, मोल्डोबा, पुर्तगाल और इटली जैसे देशों में अखरोट का उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है। 

2024-25 सीजन के मुकाबले 2025-26 सीजन के दौरान अखरोट का उत्पादन सबसे प्रमुख उत्पादक देश चीन में 15.50 लाख टन से फिसलकर 15.00 लाख लाख टन, तुर्की में 48 हजार टन से घटकर 40 हजार टन, भारत में 33 हजार टन से गिरकर 30 हजार टन तथा हंगरी में 10 हजार टन से गिरकर 12 हजार टन रह जाने का अनुमान है। 

इसके विपरीत अखरोट का उत्पादन समीक्षाधीन सीजन के दौरान अमरीका में 5.47 लाख टन से उछलकर 6.45 लाख टन, चिली में 1.35 लाख टन से बढ़कर 1.68 लाख टन, यूक्रेन में 89 हजार टन से बढ़कर 1.01 लाख टन, रोमानिया में 40 हजार टन से बढ़कर 53 हजार टन, अर्जेन्टीना में 21 हजार टन से सुधरकर 22 हजार टन,

स्पेन में 13 हजार टन से उछलकर 20 हजार टन, मोल्डोबा में 18 हजार टन से सुधरकर 19 हजार टन, इटली में 15 हजार टन (गत वर्ष के बराबर) तथा पुर्तगाल में 11 हजार टन से सुधरकर 12 हजार टन पर पहुंचने का अनुमान लगाया गया है। दुनिया के अन्य देशों में अखरोट का उत्पादन 26 हजार टन से गिरकर 25 हजार टन पर सिमट सकता है।

चीन दुनिया में अखरोट का सबसे प्रमुख उत्पादक देश है और वैश्विक उत्पादन में उसकी भागीदारी 60 प्रतिशत के आसपास रहती है। उसके घरेलू प्रभाग में इसकी जोरदार खपत होती है। भारत में अनेक देशों से भारी मात्रा में अखरोट का आयात किया जाता है।