अमरीका की नजर भारत के विशाल कृषि बाजार पर केन्द्रित

25-Mar-2025 04:36 PM

नई दिल्ली। भारत और अमरीका के बीच सीमा शुल्क के मुद्दे पर बातचीत का सिलसिला जल्दी ही निर्णायक दौर में पहुंचने वाला है क्योंकि अमरीका पहले ही कह चुका है कि वह 2 अप्रैल 2025 से भारतीय उत्पादों पर रेसिप्रोकल (जैसे को तैसा) टैक्स  लगा देगा।

इस बीच बातचीत के सिलसिले के तहत वह भारत के साथ काफी मोल भाव करना चाहेगा ताकि भारतीय बाजारों में अपने कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़ा सके।

अमरीका मुख्यतः तीन फसलों- सोयाबीन, मक्का एवं कपास के निर्यात संवर्धन के लिए भारत के बाजार पर ध्यान केन्द्रित कर रहा है।

हालांकि वहां गेहूं का भी विशाल उत्पादन होता है मगर उसे पता है कि भारत स्वयं इसके उत्पादन में आत्मनिर्भर बना हुआ है।

दूसरी ओर भारत में विशाल मात्रा में सोयाबीन तेल सामान्य मात्रा में कपास (रूई) तथा कभी-कभार मक्का का आयात होता है।

एथनॉल निर्माण में मक्का का उपयोग तेजी से बढ़ता जा रहा है जिससे भविष्य में भारत को भारी मात्रा में इसके आयात की आवश्यकता पड़ सकती है।

समस्या यह है कि भारत में केवल गैर जीएम मक्का के आयात की अनुमति दी जाती है और म्यांमार तथा यूक्रेन जैसे देशों से इसे मंगाया जाता है जबकि अमरीका में मुख्यतः जीएम मक्का का विशाल उत्पादन होता है और वह दुनिया में मक्का का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश बना हुआ है। इससे भारत सरकार दुविधा में है। 

आमतौर पर रूई के साथ क्वालिटी के मामले में कोई समस्या नहीं है लेकिन भारत में बीटी कॉटन के उत्पादन, उपयोग एवं आयात की स्वीकृति पहले ही दी जा चुकी है।

लेकिन अगर अमरीका से शुल्क मुक्त रूई का विशाल आयात शुरू हुआ तो घरेलू प्रभाग में कपास का उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

भारत वैसे भी कपास के उत्पादन में अमरीका से काफी आगे है और यहां उत्पादन में उतार-चढ़ाव के अनुरूप रूई का आयात घटता-बढ़ता रहता है। भारत में रूई के आयात पर 11 प्रतिशत का सीमा शुल्क लागू है जबकि कई बार इसे हटाने की मांग उठ चुकी है। 

दरअसल चीन के साथ व्यापारिक विवाद बढ़ने से अमरीका को वहां अपने इन तीनों प्रमुख कृषि उत्पादों का निर्यात बढ़ाने में कठिनाई होने वाली है इसलिए वह भारत के साथ इस क्षति को पूरा करने का प्रयास कर रहा है।

एक अन्य प्रमुख आयातक देश- मैक्सिको में भी अमरीकी उत्पादों का निर्यात प्रभावित होने की आशंका है क्योंकि अमरीका ने उससे आयात पर 25 प्रतिशत का टैक्स लगा दिया है।