अप्रैल से प्रत्येक शुक्रवार को गेहूं के स्टॉक का विवरण देना होगा अनिवार्य
26-Mar-2025 11:16 AM
नई दिल्ली । हालांकि गेहूं पर लागू भंडारण सीमा (स्टॉक लिमिट) की अवधि 31 मार्च 2025 को समाप्त हो रही है और इसे आगे बरकरार नहीं रखा जाएगा
लेकिन सरकार ने व्यापारियों / स्टॉकिस्टों, खुदरा कारोबारियों, बिग चेन रिटेलर्स एवं प्रोसेसर्स के लिए गेहूं के स्टॉक का विवरण सरकारी पोर्टल पर देना अनिवार्य कर दिया है।
इसके तहत सर्वप्रथम 1 अप्रैल 2025 को स्टॉक का विवरण देना होगा और उसके बाद प्रत्येक शुक्रवार को स्टॉक की जानकारी उपलब्ध करवानी पड़ेगी।
केन्द्रीय खाद्य, उपभोक्ता मामले एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय द्वारा जारी एक आदेश में कहा गया है कि सम्पूर्ण खाद्य सुरक्षा का प्रबंध करने तथा अवांछित स्पेक्युलेशन को रोकने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। यह आदेश सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों के लिए समान रूप से प्रभावी होगा।
अगले आदेश तक उपरोक्त सभी वर्गों की प्रत्येक सप्ताह (शुक्रवार) को अपने गेहूं के स्टॉक का विवरण सरकारी पोर्टल पर अपलोड करना पड़ेगा।
सभी वैधानिक फर्मों को यह सुनिश्चित करना होगा कि पोर्टल पर गेहूं के स्टॉक की जानकारी नियमित रूप से तथा सही-सही मात्रा में डाली जाए।
सभी राज्यों एवं संघ शासित प्रदेशों में सभी संवर्गों की फर्मों के लिए गेहूं की स्टॉक सीमा की अवधि 31 मार्च 2025 को समाप्त हो रही है। उसके बाद इन फर्मों को सरकारी पोर्टल पर गेहूं के स्टॉक का खुलासा करना पड़ेगा।
जो भी फर्में अभी तक इस पोर्टल पर पंजीकृत नहीं हुई हैं उन्हें यथा शीघ्र अपना पंजीकरण करवाना है और उसके बाद प्रत्येक शुक्रवार को अपने पास मौजूद गेहूं के स्टॉक का विवरण पोर्टल पर डालना है।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग गेहूं के स्टॉक की पोजीशन पर गहरी नजर रख रहा है ताकि घरेलू प्रभाग में इस महत्वपूर्ण खाद्यान्न की आसान उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए इसकी कीमतों को नियंत्रण में रखा जा सके।
