भारत में चीनी निर्यात पर प्रतिबंध की अटकल से वैश्विक बाजार भाव तेज

27-Mar-2025 01:20 PM

न्यूयार्क। पिछले सप्ताह यह अटकलबाजी तेज हो गई थी कि भारत सरकार ने 10 लाख टन चीनी के निर्यात की जो अनुमति दी है उसे वापस ले सकती है क्योंकि घरेलू प्रभाग में इसका उत्पादन काफी घटने के संकेत मिल रहे हैं।

इस अटकल बाजी के परिणामस्वरूप न्यूयार्क एक्सचेंज में कच्ची चीनी (रॉ शुगर) का वायदा भाव 1.6 प्रतिशत बढ़ गया और इसके साथ ही चालू माह के दौरान इसके वायदा मूल्य में 5 प्रतिशत से अधिक का इजाफा हो गया। उधर लन्दन एक्सचेंज में सफेद चीनी (व्हाइट शुगर) का वायदा मूल्य भी ऊंचा हो गया। 

पिछले दिन न्यूयार्क एक्सचेंज में कच्ची चीनी का वायदा भाव 1.3 प्रतिशत बढ़कर 19.51 सेंट प्रति पौंड पर पहुंचा था। लन्दन एक्सचेंज में सफेद चीनी के वायदा मूल्य में भी 0.5 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी। 

सरकार की ओर से चीनी का निर्यात रोकने का न तो कोई संकेत दिया गया है और न ही निर्णय लिया गया है। जानकार सूत्रों के मुताबिक चीनी का निर्यात जारी रहेगा।

30 सितम्बर 2025 तक कुल 10 लाख टन चीनी का निर्यात शिपमेंट होना है और उम्मीद की जा रही है कि उससे पूर्व ही इसकी प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

घरेलू उत्पादन घटने के बावजूद देश में चीनी का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रहेगा। चालू मार्केटिंग सीजन के अंत में उद्योग के पास अगले मार्केटिंग सीजन के शुरूआती दो महीनों की घरेलू मांग एवं जरूरत को पूरा करने के लिए चीनी का समुचित स्टॉक मौजूद रहने का अनुमान है। 

पिछले साल लोक सभा का चुनाव होने तथा भयंकर गर्मी पड़ने से चीनी की घरेलू मांग एवं खपत बढ़ गई थी लेकिन चालू सीजन की खपत उससे कम होने की संभावना है।

इस बार 2025-26 सीजन के लिए महाराष्ट्र तथा कर्नाटक जैसे प्रमुख उत्पादक  राज्यों में गन्ना की बिजाई में अच्छी प्रगति हो रही है। 

महाराष्ट्र तथा उत्तर प्रदेश जैसे शीर्ष उत्पादक प्रांतों में चीनी के मिल डिलीवरी (एक्स फैक्टरी) मूल्य में मार्च के आरंभ से ही नरमी का माहौल बना हुआ है जिससे पता चलता है कि घरेलू प्रभाग में इसकी समुचित आपूर्ति हो रही है और ऊंचे दाम पर इसकी मांग कमजोर पड़ गई है।

इस्मा ने 2024-25 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन के दौरान 280 लाख टन चीनी की घरेलू खपत होने का अनुमान लगाया है।