बेहतर कारोबार होने से प्रमुख तिलहनों का दाम एमएसपी से ऊपर
05-May-2026 04:16 PM
मुम्बई। व्यापारियों / स्टॉकिस्टों एवं तेल मिलर्स / प्रोसेसर्स की अच्छी लिवाली होने तथा तेल एवं डीओसी में मांग मजबूत रहने से सरसों, मूंगफली सोयाबीन एवं तिल जैसे प्रमुख तिलहन का भाव ऊंचा एवं तेज चल रहा है जिससे किसानों को भी अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है। हकीकत तो यह है कि उपरोक्त चारों तिलहनों का थोक मंडी भाव अपने नियत न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से ऊपर चल रहा है।
केन्द्र सरकार ने 2025-26 सीजन के लिए सोयाबीन का एमएसपी 5328 रुपए प्रति क्विंटल, सरसों का 6200 रुपए प्रति क्विंटल, मूंगफली का 7263 रुपए प्रति क्विंटल तथा तिल का एमएसपी 9846 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है। सोयाबीन का उत्पादन खरीफ सीजन में तथा सरसों का उत्पादन रबी सीजन में होता है जबकि मूंगफली एवं तिल की पैदावार दोनों सीजन में होती है। फिलहाल सरसों की आपूर्ति का पीक सीजन चल रहा है।
आई ग्रेन इंडिया द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार वर्तमान समय में सरसों का थोक मंडी भाव हरियाणा के चरखी में 7100 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा है जो एमएसपी से 900 रुपए प्रति क्विंटल ज्यादा है। इसी तरह मूंगफली का थोक मंडी भाव गुजरात के राजकोट में एमएसपी से 1737 रुपए उछलकर 9000 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है। मध्य प्रदेश के इंदौर में सोयाबीन का भाव 6600 रुपए प्रति क्विंटल की ऊंचाई पर चल रहा है जो एमएसपी से 1272 रुपए ज्यादा है। तिल का थोक मंडी भाव राजकोट में 11,000 रुपए प्रति क्विंटल पर पहुंच गया है जो न्यूनतम समर्थन मूल्य से 1154 रुपए प्रति क्विंटल ऊंचा है।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार में विभिन्न खाद्य तेलों के भाव ऊंचा रहने एवं रुपया का भारी अवमूल्यन होने से खाद्य तेलों का आयात महंगा बैठ रहा है। इससे स्वदेशी खाद्य तेल का दाम भी मजबूत बना हुआ है जो तिलहनों के भाव को ऊंचे स्तर पर बरकरार रखने में सहायक साबित हो रहा है।
