उत्तर प्रदेश में खाद्य तेल में लेड की उपस्थिति से मामला गहराया
05-May-2026 03:49 PM
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में कथित रूप से एक दर्जन से अधिक खाद्य तेल निर्माता कंपनियों / फर्मों के सैम्पल की जांच में लेड (शीशा कण) की उपस्थिति पाए जाने का मामला गहराता जा रहा है। इन कंपनियों को अपने तेल का कारोबार रोकने का आदेश दिया गया है। इसको देखते हुए भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने पिछले दिन निर्माताओं को राहत देने तथा आदेश पर दोबारा विचार करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के कमिश्नर से मुलाकात की और उन्हें अपनी समस्याओं से अवगत करवाया। कमिश्नर ने प्रतिनिधि मंडल को समस्या के समाधान का आश्वासन दिया।
उल्लेखनीय है कि भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने 23 फरवरी 2026 को उत्तर प्रदेश के कानपुर, आगरा, मेरठ, लखनऊ, हापुड़ तथा गोरखपुर जैसे जिलों में खाद्य तेल की 14 फर्मों-कंपनियों से सरसों तेल, पाम तेल एवं सॉल्वेंट तेल आदि के सैम्पल एकत्रित किए थे। एक प्राइवेट प्रयोग शाला में उसकी जांच करवाई गई और फिर कुछ सैम्पल को स्वास्थ्य की दृष्टि से असुरक्षित घोषित कर दिया गया।
जिन कंपनियों के सैम्पल को असुरक्षित माना गया उसका तर्क है कि वह खाद्य तेलों में लेड की मात्रा घटा-बढ़ा नहीं सकती है। अन्य स्रोतों से उसमें यह मौजूद रह सकता है। ऐसी स्थिति में केवल एक प्राइवेट प्रयोग शाला में हुए परीक्षण के आधार पर उन खाद्य तेलों के उत्पादन, विपणन (कारोबार) एवं भंडारण पर प्रतिबंध लगाने का कठोर आदेश जारी करना न्याय संगत नहीं है। कमिश्नर ने आश्वासन दिया है कि मामले से सम्बन्धित सभी पहलुओं पर गम्भीरतापूर्वक विचार करके समस्या का समाधान किया जाएगा।
