चालू वर्ष के दौरान भी अनेक राज्यों में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ने की आशंका

24-Mar-2025 08:40 PM

तिरुअनन्तपुरम। यदि वर्ष 2024 तब तक के इतिहास का सबसे गर्म साल माना गया तो वर्ष 2025 का समय इससे भी बदतर होने की आशंका है।

झारखंड, उड़ीसा, महाराष्ट्र, तेलंगाना, छत्तीसगढ़ तथा आंध्र प्रदेश जैसे राज्यों में तापमान पहले ही 40  डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। उसके मुकाबले उत्तरी एवं पश्चिमोत्तर राज्यों में तापमान कुछ नीचे चल रहा है। 

इस बार भीषण गर्मी का आगमन उम्मीद से कुछ पहले ही हो गया और फरवरी के अंत से इसकी शुरुआत हो गई। मौसम विशेषज्ञ वैज्ञानिक ने चेतावनी दी है कि वर्ष 2025 में मौसम कुछ ज्यादा ही उग्र एवं आक्रामक रुख अख्तियार कर सकता है और देश के कई भागों में भयंकर गर्मी के साथ लू का भी गंभीर प्रकोप रह सकता है।

समुद्री सतह का तापमान बढ़ने से शहरी क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है। इसके अलावा रियल एस्टेड, फार्मास्युटिकल्स, एनर्जी तथा कृषि क्षेत्र भी बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।

फरवरी का महीना इस बार पिछले 25 साल में सबसे ज्यादा गर्म रहा। गर्म हवा की तेज लहर (लू) के प्रकोप से लोगों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है और खासकर घर या दफ्तर से बाहर काम करने वालों को स्वास्थ्य सम्बन्धी परेशानी हो सकती है। 

लेकिन भीषण गर्मीं एवं ऊंचे तापमान की बदौलत मानसून वर्षा में भी बढ़ोत्तरी हो सकती है। दक्षिणी राज्यों में मानसून-पूर्व की बारिश में बागानी फसलों को फायदा हो सकता है

लेकिन यदि अप्रैल-मई में उत्तरी एवं पश्चिमोत्तर भारत में तेज हवा का आंधी-तूफान के साथ का खतरा नहीं रहा तो रबी फसलों का बेहतर उत्पादन संभव हो जाएगा। उधर पूर्वी भारत में यह समय 'काल बैसाखी' का होता है

ब आंधी-तूफान के साथ गरज-चमक वाली बारिश होती है या फिर धूल भरी आंधी चलती है। इस वर्ष तापमान जरूरत से ज्यादा ऊंचा रहा तो आगामी खरीफ फसलों की अग्रिम बिजाई पर असर पड़ सकता है।