चीनी की मांग एवं आपूर्ति के अनुमानित आंकड़ों में भिन्नता

24-Mar-2025 12:23 PM

नई दिल्ली। स्वदेशी चीनी उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र के तीन शीर्ष संगठन -इंडियन शुगर एंड बायो एनर्जी मैन्युफैक्चर्स एसोशिएशन (इस्मा), नेशनल फेडरेशन ऑफ कोऑपरेटिव शुगर फैक्ट्रीज (एनएफसीएसएफ), तथा ऑल इंडिया शुगर ट्रेड एसोसिएशन (आईस्टा) ने चीनी के उत्पादन,

उपयोग तथा बकाया स्टॉक का अलग-अलग अनुमान लगाया है। इस्मा तथा फेडरेशन का मानना है कि 2024-25 के सीजन में 80 लाख टन चीनी का पिछला बकाया स्टॉक मौजूद था जबकि आईस्टा ने 78 लाख टन का बकाया स्टॉक माना है। 

इसी तरह इस्मा ने 264 लाख टन, फेडरेशन ने 259 लाख टन तथा आईस्टा ने 258 लाख टन शुद्ध चीनी के उत्पादन की संभावना जताई है।

एथनॉल निर्माण में चीनी के उपयोग का अनुमान इस्मा तथा आईस्टा के 35-35 लाख टन तथा फेडरेशन का 40 लाख टन का है।

इस तरह फेडरेशन तथा इस्मा ने चीनी का कुल उत्पादन 299-299 लाख टन तथा आईस्टा ने 293 लाख टन होने की संभावना व्यक्त की है। 

फेडरेशन के साथ-साथ इस्मा ने भी 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में चीनी की कुल उपलब्धता 379 लाख टन तथा आईस्टा ने 371 लाख टन होने की उम्मीद जताई है।

इसमें से एथनॉल निर्माण में उपयोग का अंश घटाने पर शुद्ध चीनी की उपलब्धता कम हो जाएगी इसका अनुमान इस्मा ने 344 लाख टन, फेडरेशन ने 339 लाख टन तथा आईस्टा ने 336 लाख टन लगाया है। 

जहां तक चीनी की घरेलू खपत का सवाल है इसका अनुमान इस्मा  ने 280 लाख टन, फेडरेशन ने 285 लाख टन आईस्टा ने 290 लाख टन का लगाया है। इसके अलावा 10 लाख टन चीनी का निर्यात होगा जिसमे से 6 लाख टन का अनुबंध हो चुका है। 

मांग एवं आपूर्ति का समीकरण पूरा होने के बाद 2024-25 के सीजन की समाप्ति पर यानी 30 सितम्बर 2025 को उद्योग के पास चीनी का जो बकाया स्टॉक बचेगा उसका अनुमान इस्मा ने 54 लाख टन,

फेडरेशन ने 44 लाख टन तथा आईस्टा ने 36 लाख टन  लगाया है इन आकड़ो से पता चलता है कि अगले मार्केटिंग सीजन के लिए चीनी का बकाया स्टॉक काफी कम रहेगा।