चीनी के उत्पादन में 28 लाख टन से अधिक का इजाफा

16-Jan-2026 08:33 PM

नई दिल्ली। नेशनल फेडरेशन ऑफ को ऑपरेटिव शुगर फैक्टरीज (एनएफसीएसएफ) के नीवनतम आंकड़ों से पता चलता है कि वर्तमान मार्केटिंग सीजन के आरम्भिक साढ़े तीन माह में यानी 1 अक्टूबर 2025 से 15 जनवरी 2026 के दौरान देश में चीनी का कुल उत्पादन बढ़कर 158.85 लाख टन पर पहुंच गया जो 2024-25 सीजन की समान अवधि के उत्पादन 130.60 लाख टन से 28.25 लाख टन का 21.63 प्रतिशत ज्यादा है। 

समीक्षाधीन अवधि के दौरान चीनी का उत्पादन उत्तर प्रदेश में 42.85 लाख टन से बढ़कर 45.70 लाख टन, महाराष्ट्र में 43.05 लाख टन से उछलकर 64.60 लाख टन और कर्नाटक में 27.10 लाख टन से बढ़कर 30.70 लाख टन पर पहुंचा। चीनी के कुल घरेलू उत्पादन में शीर्ष तीन उत्पादक राज्यों की भागीदारी 86.52 प्रतिशत से बढ़कर 88.76 प्रतिशत हो गई। 

इसके अतिरिक्त अक्टूबर 2025 से मध्य जनवरी 2026 के बीच बिहार में 2.90 लाख टन, तमिलनाडु में 1.95 लाख टन, हरियाणा में 1.90 लाख टन, पंजाब  तथा मध्य प्रदेश में 1.70-1.70 लाख टन,

उत्तराखंड में भी 1.70 लाख टन, तेलंगाना में 1.20 लाख टन, आंध्र प्रदेश में 30 हजार टन तथा अन्य राज्यों में 65 हजार टन चीनी का उत्पादन हुआ। 

फेडरेशन के अनुसार गन्ना की क्रशिंग करने वाली चीनी मिलों की संख्या पिछले सीजन के 514 से बढ़कर इस बार 519 पर पहुंच गई। इसी तरह इन इकाइयों में गन्ना की कुल क्रशिंग भी 1484.04 लाख टन से उछलकर 1763.74 लाख टन पर पहुंची और गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर 8.80 प्रतिशत से सुधरकर 9.01 प्रतिशत हो गई। 

गन्ना की क्रशिंग अभी जोर शोर से जारी है जिससे आगामी दिनों में चीनी का उत्पादन नियमित रूप से बढ़ते रहने की संभावना है।

फेडरेशन ने 2025-26 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन में 315 लाख टन चीनी के उत्पादन का अनुमान लगाया है जो 2024-25 सीजन के सकल उत्पादन 261.80 लाख टन से 53.20 लाख टन या 20.32 प्रतिशत अधिक है।