चीन और भारत की कमजोर मांग से कनाडा में मटर का भाव स्थिर
31-Mar-2025 06:00 PM
वैंकुवर। पश्चिमी कनाडा की मंडियों में सुस्त कारोबार के बीच मटर का भाव स्थिर या नरम देखा जा रहा है। दो शीर्ष खरीदारों- भारत और चीन के आयातक वहां मटर की खरीद में कम दिलचस्पी दिखा रहे हैं।
भारत में पूर्व में आयातित मटर का अच्छा खासा स्टॉक अभी मौजूद है जबकि नई घरेलू फसल की आवक भी शुरू हो चुकी है। सम्पूर्ण दाल-दलहन बाजार में नरमी का माहौल बना हुआ है।
जहां तक चीन का सवाल है तो वहां कनाडा के बजाए रूस से मटर के आयात को प्राथमिकता दी जा रही है। हालांकि फिलहाल कनाडाई मटर के दाम में जोरदार गिरावट नहीं आई है लेकिन आगामी समय में बाजार नरम रहने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता है।
भारत में पीली मटर के शुल्क मुक्त आयात की समय सीमा को 31 मई 2025 तक बढ़ाया गया है जबकि इस बीच घरेलू माल की भी जोरदार आपूर्ति जारी रहेगी। इस बीच चना एवं तुवर का घरेलू बाजार भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे आ गया है।
चना पर 10 प्रतिशत का आयात शुल्क लगाया गया है जो ज्यादा ऊंचा नहीं है मगर फिर भी कमजोर घरेलू बाजार भाव को देखते हुए भारतीय आयातक ऑस्ट्रेलियाई चना का अनुबंध करने से हिचक रहे हैं।
कनाडा में सीमित कारोबार के बीच हरी मटर की नम्बर दो क्वालिटी वाले माल का भाव घटकर 16 डॉलर प्रति बुशेल पर आ गया है जो कुछ सप्ताह पूर्व 17-18 डॉलर प्रति बुशेल चल रहा था।
चीन में इसकी नगण्य मांग है लेकिन कुछ अन्य देश थोड़ी-बहुत मात्रा में इसकी खरीद कर रहे हैं। जहां तक पीली मटर का सवाल है तो अप्रैल-मई मूवमेंट के लिए इसका हाजिर बाजार भाव 1000-1050 डॉलर प्रति बुशेल से घटकर अब 9.50-10.00 डॉलर प्रति बुशेल रह गया है।
आगामी नई फसल के लिए पूर्वी सस्कैचवान में पीली मटर का यही भाव चल रहा है। मापले का बाजार शांत हो गया है।
पहले कनाडा में 2025-26 सीजन की फसल के लिए मटर के बिजाई क्षेत्र में बढोत्तरी होने का अनुमान लगाया गया था लेकिन वैश्विक निर्यात बाजार की हालत को देखते हुए अब बिजाई की स्थिति अनिश्चित हो गई है। किसानों को वहां अपने निर्णय में कुछ बदलाव करना पड़ सकता है।
