चावल का वैश्विक उत्पादन 54.01 करोड़ टन होने का अनुमान
15-May-2026 03:42 PM
नई दिल्ली। एक अग्रणी रेटिंग एजेंसी ने 2024-25 सीजन की तुलना में 2025-26 सीजन के दौरान चावल का वैश्विक उत्पादन 0.1 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 54.01 करोड़ टन होने की संभावना व्यक्त की है जो अमरीकी कृषि विभाग (उस्डा) द्वारा लगाए गए अनुमान 54.28 करोड़ टन से 27 लाख टन कम है। एजेंसी का मानना है कि भारत, वियतनाम तथा थाईलैंड जैसे देशों में उत्पादन की स्थिति सामान्य रह सकती है मगर पाकिस्तान अमरीका एवं ब्राजील सहित कुछ अन्य देशों में पैदावार उत्साहवर्धक नहीं होगी।
रेटिंग एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में फिलहाल मौसम की स्थिर हालत एवं उर्वरकों की पर्याप्त उपलब्धता के कारण किसानों को ज्यादा परेशानी नहीं होगी। उर्वरकों का दाम भी स्थिर रखा जा रहा है। विश्व स्तर पर चावल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। भारत में अल नीनो का असर अगस्त से बढ़ सकता है जबकि तब तक खरीफ कालीन धान की खेती काफी हद तक पूरी हो सकती है।
चीन और वियतनाम में भी यही स्थिति रहेगी। लेकिन उसके बाद भारत और थाईलैंड में धान की दूसरी फसल (रबी कालीन) तथा बांग्ला देश एवं इंडोनेशिया में मुख्य फसल की खेती प्रभावित हो सकती है। इससे कई देशों में चावल का उत्पादन घट सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार 2024-25 के मुकाबले 2025-26 सीजन की समाप्ति पर चावल का वैश्विक बकाया स्टॉक 0.4 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 19.23 करोड़ टन के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचने की उम्मीद है जिससे वैश्विक खाद्य सुरक्षा को सुनिश्चित करने में सहायता मिलेगी। चावल की वैश्विक खपत 2.1 प्रतिशत बढ़कर 53.55 करोड़ टन पर पहुंचेगी। चावल की मांग आगे भी मजबूत रहेगी।
