मलेशिया में जून के लिए सीपीओ पर निर्यात टैक्स 10 प्रतिशत पर बरकरार
15-May-2026 03:13 PM
कुआलालम्पुर। इंडोनेशिया के बाद दुनिया में पाम तेल के दूसरे सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश- मलेशिया में रिफ्रेंस मूल्य के आधार पर मई की भांति जून 2026 के लिए भी क्रूड पाम तेल (सीपीओ) पर निर्यात टैक्स को 10 प्रतिशत के स्तर पर स्थिर रखा गया है। हालांकि यह रिफ्रेंस मूल्य मई के लिए 4521.89 रिंगिट प्रति टन आंका गया था जबकि जून के लिए 4372.64 रिंगिट प्रति टन ही आंका गया है लेकिन मलेशिया में 1 नवम्बर 2024 से प्रचलित नियम के अनुसार यदि सीपीओ का रिफ्रेंस मूल्य 4050 रिंगिट प्रति टन से ऊपर होगा तो उस पर 10 प्रतिशत का निर्यात टैक्स स्वतः प्रभावी हो जाएगा।
प्रचलित नियम के मुताबिक यदि सीपीओ का रिफ्रेंस मूल्य 2250 रिंगिट प्रति टन से नीचे रहेगा तो उस पर कोई निर्यात टैक्स नहीं लगेगा। अगर रिफ्रेंस मूल्य 2250 से 2400 रिंगिट प्रति टन के बीच होगा तो उस पर 3 प्रतिशत का निर्यात टैक्स प्रभावी माना जाएगा।
निर्यात टैक्स के लिए रिफ्रेंस मूल्य का यह आधार स्तर है और आगे इसमें जितना इजाफा होगा, निर्यात टैक्स भी उतना ही बढ़ता जाएगा। वैसे इसकी उच्चतम सीमा 10 प्रतिशत निर्धारित की गई है जो 4050 रिंगिट प्रति टन के बाद के रिफरेंस मूल्य पर प्रभावी होगी।
मलेशिया से पाम तेल का निर्यात प्रदर्शन कमजोर चल रहा है। वहां सीपीओ का वायदा भाव ऊंचे स्तर पर होने से भारत सहित अनेक आयातक देशों में इसकी मांग कमजोर पड़ गई है।
इसके अलावा होर्मुज जल डमरू मध्य से जहाजों की आवाजाही बंद होने से पश्चिम एशिया, मध्य पूर्व तथा खाड़ी क्षेत्र के देशों में मलेशियाई पाम तेल का निर्यात प्रभावित हो रहा है। ऊंचे निर्यात टैक्स से भी समस्या बढ़ रही है।
