एमएसपी पर दलहन-तिलहन की रिकार्ड खरीद का लक्ष्य

24-Mar-2025 03:21 PM

नई दिल्ली। लगभग दो वर्षो तक बाजार भाव काफी ऊंचे स्तर पर बरकरार रहने के बाद दलहनों का भाव घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य से नीचे आ गया है जिसे देखते हुए

केन्द्र सरकार ने बफर स्टॉक के लिए रिकार्ड मात्रा में इसकी खरीद का प्लान बनाया गया है। इसी तरह तिलहनों की खरीद भी बढ़ाने का इरादा है। 

प्राप्त जानकारी के अनुसार केन्द्र सरकार 2024-25 के सम्पूर्ण मार्केटिंग सीजन (जुलाई-जून) के लिए देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों में मूल्य समर्थन योजना (पीएसएस) के अंतर्गत 60 लाख टन से तिलहनों तथा करीब 50 लाख टन दलहनों की खरीद की स्वीकृति देने वाली है।

खरीफ कालीन फसलों की खरीद के लिए पहले ही अनुमति दी जा चुकी है और अब रबी सीजन की फसलों की बारी आ गई है।

इससे पूर्व 2017-18 के सीजन में 65.50 लाख टन दलहन-तिलहन की रिकॉर्ड सरकारी खरीद की गई थी जिसमे 45.50 लाख टन  दलहन एवं 20 लाख टन तिलहन की मात्रा शामिल थी। 

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार वर्तमान मार्केटिंग सीजन के दौरान देश के प्रमुख उत्पादक राज्यों- महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, छत्तीसगढ़ एवं तमिलनाडु आदि में 45 लाख टन दलहनों की खरीद की मंजूरी दे चुकी है।

जिसमे खरीफ एवं रबी सीजन में उत्पादित होने वाले प्रमुख दलहन- तुवर, उड़द, मूंग, चना एवं मसूर शामिल है। राजस्थान सरकार ने 5.40 लाख टन चना की खरीद का प्रस्ताव भेजा है जिसे शीघ्र ही मंजूरी मिलने की संभावना है वर्तमान समय में तुवर की सरकारी खरीद चल रही है

जबकि चना तथा मसूर की खरीद अगले महीने से आरम्भ हो सकती है। प्राप्त आकड़ो के अनुसार सरकारी एजेंसियों द्वारा 2021-22 के सीजन में 30.30 लाख टन तथा 2022-23 के सीजन में 28.30 लाख टन दलहन खरीदा गया था जबकि 2023-24 के सीजन में यह तेजी से घटकर 6.90 लाख टन पर अटक गया। 

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने चालू रबी सीजन में अभी तक 15 लाख टन सरसो की खरीद की स्वीकृति प्रदान की है। इसके तहत मध्य प्रदेश में 4.90 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 4.70 लाख टन, हरियाणा में 3.30 लाख टन, गुजरात में 1.20 लाख टन, आसाम में 62,774 टन तथा छत्तीसगढ़ में 3050 टन की खरीद की अनुमति शामिल है।

देश के सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त-राजस्थान ने 13.20 लाख टन सरसो की खरीद का आग्रह भेजा है जिसे केन्द्रीय कृषि मंत्रालय की स्वीकृति का इंतजार है। 

सरसो रबी सीजन की सबसे प्रमुख तिलहन फसल है इसके नए माल की जोरदार आवक शुरू हो चुकी है जिससे बाजार भाव नीचे आने लगा है।

सरसों का समर्थन मूल्य 5950 रूपए प्रति क्विंटल नियत हुआ है जबकि मंडी भाव में नरमी का माहौल देखा जा रहा है।