एथनॉल ब्लेंडिंग की वजह से सहकारी चीनी मिलों की बैलेंस शीट में बदलाव
06-Oct-2025 04:15 PM
अहिल्यनगर। केन्द्रीय सहकारिता मंत्री ने कहा है कि पेट्रोल में एथनॉल मिश्रण कार्यक्रम के आरंभ होने से चीनी मिलों की बैलेंस शीट में बदलाव हुआ है और इससे सहकारी क्षेत्र की चीनी इकाइयों को भी काफी फायदा हो रहा है।
केन्द्र सरकार महाराष्ट्र में जोरदार बारिश एवं बाढ़ के कारण फसलों को हुए नुकसान को देखते हुए प्रभावित किसानों को हर संभव सहायता प्रदान करेगी।
पिछले दिन महाराष्ट्र के अहिल्यनगर जिले में अवस्थित एक सहकारी चीनी मिल की विस्तारित क्षमता का उद्घाटन केन्द्रीय सहकारिता मंत्री द्वारा किया गया।
इस फैक्टरी में अब गन्ना की औसत दैनिक क्रशिंग क्षमता बढ़कर 10 हजार टन पर पहुंच गई है। उल्लेखनीय है कि उत्तर प्रदेश के बाद महाराष्ट्र देश में गन्ना का दूसरा सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य है।
पिछले साल की तुलना में इस बार राज्य में गन्ना के क्षेत्रफल में तो अच्छी बढ़ोत्तरी हुई है मगर अधिशेष वर्षा, खेतों में जल जमाव एवं बाढ़ के कारण गन्ना की औसत उपज दर तथा गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर में गिरावट आने की आशंका है। महाराष्ट्र सरकार ने राज्य की चीनी मिलों को नवम्बर 2025 से गन्ना की क्रशिंग आरंभ करने की अनुमति प्रदान कर दी है।
सहकारिता मंत्री का कहना है कि हाल के वर्षों में सहकारी क्षेत्र की चीनी मिलों की आर्थिक स्थिति कुछ मजबूती हुई है। इन इकाइयों को आधुनिक बनना पड़ेगा ताकि लम्बे समय तक इसकी निरंतरता सुनिश्चित हो सके।
केन्द्र सरकार ने एथनॉल संवर्धन के लिए 10,000 करोड़ रुपए की राशि आंवटित की है। सहकारिता मंत्री के मुताबिक यदि चीनी मिलें अपनी आमदनी के 20 प्रतिशत भाग का निवेश क्षमता विस्तार में करे तो इससे आने वाली पीढ़ी लाभान्वित होगी।
मंत्री महोदय ने सरकारी चीनी मिलों से आग्रह किया कि गन्ना की क्रशिंग का सीजन जब समाप्त हो जाए तब उसे विभिन्न अवयवों (चावल मक्का आदि) से एथनॉल का निर्माण जारी रखना चाहिए।
इससे मिलों को अतिरिक्त आमदनी होगी और एथनॉल का उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलेगी। राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम इसके लिए चीनी मिलों को ऋण प्रदान करेगा।
