एथनॉल निर्माताओं की बढ़ती मांग से मक्का के आयात में वृद्धि
31-Mar-2025 01:41 PM
नई दिल्ली। दो वर्ष पूर्व तक देश में मुख्यतः पशु आहार, पॉल्ट्री फीड एवं स्टार्च निर्माण उद्योग तथा मानवीय खाद्य उद्देश्य में मक्का की खपत हो रही थी और बेहतर उत्पादन तथा प्रतिस्पर्धी कीमत के कारण देश से इसका अच्छा खासा निर्यात भी हो रहा था लेकिन अब हालात बदल गए हैं।
एथनॉल निर्माण में बड़े पैमाने पर इस्तेमाल शुरू होने से न केवल मक्का का घरेलू बाजार भाव बढ़ गया है और इसका निर्यात प्रभावित होने लगा है बल्कि विदेशों से इसके भारी आयात की आवश्यकता भी महसूस होने लगी है।
वर्ष 2024 में म्यांमार से 4.37 लाख टन, यूक्रेन से 4.45 लाख टन एवं सिंगापुर से करीब 2 हजार टन के साथ देश में कुल मिलाकर लगभग 8.80 लाख टन मक्का मंगाया गया।
ध्यान देने की बात है कि भारत में जीएम मक्का के आयात एवं उपयोग पर प्रतिबंध लगा हुआ है इसलिए सिर्फ ऐसे देशों से मक्का मंगाया जाता है जहां परम्परागत श्रेणी या गैर- जीएम मक्का का उत्पादन होता है।
यूक्रेन तथा म्यांमार ऐसे ही देशों की सूची में शामिल है। ज्ञात हो कि अमरीका, ब्राजील एवं अर्जेन्टीना दुनिया में मक्का के तीन सबसे प्रमुख निर्यातक देश हैं लेकिन वहां जीएम उत्पाद की मौजूदगी के कारण भारत में इसका आयात नहीं किया जाता है।
जहां तक भारत से मक्का के निर्यात का सवाल है तो इसमें कई कारणों से अड़चने आने लगी हैं। एक तरफ घरेलू उत्पादन एक निश्चित सीमा में स्थिर हो गया है और घरेलू उपयोग तथा बाजार भाव बढ़ने लगा है तो दूसरी ओर नेपाल ने जीएम मक्का का आयात शुरू कर दिया है।
भारत से मक्का का निर्यात मुख्यतः नेपाल, बांग्ला देश एवं दक्षिण-पूर्व एशिया के देशों में होता है। भारतीय उत्पाद का दाम गैर प्रतिस्पर्धी होने से प्रमुख आयातक देशों की निर्भरता अन्य आपूर्तिकर्ता देशों पर बढ़ने लगी है।
आयातक देशों में भारतीय मक्के की मांग लगभग समाप्त हो गई है। इसका निर्यात ऑफर मूल्य बहुत ऊंचा हो गया है। इसी ऊंचे दाम के कारण नेपाल को सस्ते जीएम मक्के का आयात बढ़ाने का प्रोत्साहन मिल रहा है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पिछले साल (2023) की तुलना में चालू वित्त वर्ष के आरंभिक नौ माह के दौरान यानी अप्रैल से दिसम्बर 2024 तक भारत से निर्यात होने वाले मक्का की आय नेपाल में 1044.10 लाख डॉलर से घटकर 740.80 लाख डॉलर,
बांग्ला देश में 727.20 लाख डॉलर से लुढ़ककर 138.60 लाख डॉलर, मलेशिया में 145 लाख डॉलर से घटकर 7.40 लाख डॉलर पर अटक गई जबकि यह भूटान में 80.10 लाख डॉलर से बढ़कर 128.40 लाख डॉलर तथा श्रीलंका में 30.60 लाख डॉलर से उछलकर 216.40 लाख डॉलर की ऊंचाई पर पहुंच गई।
