गेहूं की सरकारी खरीद की रफ्तार अगले महीने से बढ़ने के आसार

25-Mar-2025 05:55 PM

नई दिल्ली। हालांकि मध्य मार्च से मध्य प्रदेश, राजस्थान एवं उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में केन्द्रीय पूल के लिए गेहूं की खरीद आरंभ हो गई मगर इसकी गति धीमी चल रही है।

24 मार्च 2025 तक केवल मध्य प्रदेश में 49 हजार टन से कुछ अधिक गेहूं की सरकारी खरीद संभव हो सकी क्योंकि वहां किसानों को 2600 रुपए प्रति क्विंटल का रेट मिल रहा है जिसमें 2425 रुपए प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) तथा 175 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस शामिल है।

राजस्थान में भी गेहूं पर एमएसपी से ऊपर 150 रुपए प्रति क्विंटल का बोनस देने की घोषणा हुई है जिससे वहां किसानों को 2575 रुपए प्रति क्विंटल का मूल्य प्राप्त होगा।

राजस्थान में इस वर्ष 24 मार्च तक लगभग 4600 टन गेहूं की सरकारी खरीद हुई जबकि उत्तर प्रदेश में यह 21 टन से भी कुछ कम रही। पिछले साल की समान अवधि की तुलना में चालू वर्ष की खरीद का आंकड़ा काफी बड़ा है। 

उत्तर प्रदेश, गुजरात एवं बिहार सहित अन्य प्रमुख उत्पादक राज्यों में 2425 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य यह गेहूं की सरकारी खरीद की जाएगी जिसमें पंजाब और हरियाणा भी शामिल है।

पंजाब-हरियाणा में मंडी टैक्स ऊंचा होने से फ्लोर मिलर्स एवं व्यापारी गेहूं की खरीद में नगण्य दिलचस्पी दिखाते हैं इसलिए सरकारी एजेंसियों को वहां इसकी भरपूर खरीद का अवसर मिल जाता है।

इस बार मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी केन्द्रीय पूल के लिए गेहूं की खरीद में बढ़ोत्तरी हो सकती है। लेकिन अन्य प्रांतों में मिलर्स, व्यापारी एवं स्टॉकिस्ट अपनी सक्रियता बढ़ाने का प्रयास अवश्य करेंगे।

केन्द्रीय खाद्य मंत्रालय ने इस बार राष्ट्रीय स्तर पर 310 लाख टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है जबकि पिछले साल 266 लाख टन गेहूं खरीदा गया था।

अप्रैल के पहले या दूसरे सप्ताह से पंजाब- हरियाणा, उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश में गेहूं खरीद की रफ्तार बढ़ जाएगी।