गेहूं के स्टॉक पोजीशन पर सरकार की रहेगी गहरी नजर
26-Mar-2025 03:44 PM
नई दिल्ली। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय ने 2024-25 के वर्तमान रबी सीजन में गेहूं का उत्पादन बढ़कर 1154.30 लाख टन के सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंचने का अनुमान लगाया है जबकि खाद्य मंत्रालय ने 310 लाख टन की खरीद का लक्ष्य नियत किया है।
रिकॉर्ड उत्पादन की संभावना को ध्यान में रखते हुए खाद्य मंत्रालय ने गेहूं पर लागू स्टॉक सीमा की अवधि को 31 मार्च 2025 से आगे नहीं बढ़ाने का निर्णय लिया है लेकिन 1 अप्रैल 2025 से स्टॉक की अनिवार्य साप्ताहिक घोषणा का नियम जारी रखा जाएगा।
इसका आदेश निर्गत हो चुका है। इससे खाद्य मंत्रालय को पता रहेगा कि किस फर्म द्वारा कितनी मात्रा में गेहूं की खरीद की जा रही है।
वैसे व्यापारियों / स्टॉकिस्टों को आशंका है कि गेहूं की खरीद में होने वाली प्रगति के आधार पर सरकार आगामी महीनों में किसी भी समय स्टॉक सीमा को दोबारा लागू कर सकती है।
कुछ राज्यों में गेहूं की सरकारी खरीद पहले ही आरंभ हो चुकी है। व्यापार विश्लेषकों का मानना है कि अगर केन्द्रीय पूल के लिए नियत लक्ष्य के अनुरूप या उससे अधिक गेहूं की खरीद हो गई
तो स्टॉक सीमा दोबारा लागू करने की संभावना कम हो जाएगी लेकिन यदि गेहूं की सरकारी खरीद अपेक्षित स्तर तक नहीं पहुंच सकी तो व्यापारियों / स्टॉकिस्टों पर शिकंजा कसा जा सकता है।
खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि देश के सभी राज्यों एवं केन्द्र शासित प्रदेशों में सभी पंजीकृत व्यापारियों / स्टॉकिस्टों, खुदरा कारोबारियों, बिग चेन रिटेलर्स तथा प्रोसेसर्स को अपने पास मौजूद गेहूं के स्टॉक का पूरा विवरण सरकारी पोर्टल पर पहले 1 अप्रैल को और उसके बाद प्रत्येक शुक्रवार को अपलोड करना अनिवार्य है।
जिन फर्मों ने अभी तक इस पोर्टल पर अपना रजिस्ट्रेशन नहीं करवाया है वे तत्काल पंजीकरण करवाएं और स्टॉक का विवरण सही समय पर भेजें।
खाद्य मंत्रालय सम्पूर्ण स्थिति पर गहरी नजर रखेगा ताकि देश में गेहूं की आपूर्ति एवं उपलब्धता की आसान स्थिति सुनिश्चित की जा सके और कीमतों में तेजी पर अंकुश लगाने में मदद मिल सके। दरअसल सरकार गेहूं की जमा खोरी को नियंत्रित करना चाहती है।
