गुजरात को पीछे छोड़कर महाराष्ट्र बना कपास का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य

27-Mar-2025 03:25 PM

मुम्बई। कपास उत्पादन एवं उपयोग समिति (सीसीपीसी) ने 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) में राष्ट्रीय स्तर पर 294.25 लाख गांठ कपास के उत्पादन का अनुमान लगाया है।

इसके तहत महाराष्ट्र में 89.10 लाख गांठ तथा गुजरात में 71.35 लाख गांठ के उत्पादन की संभावना व्यक्त की गई है। नवम्बर 2024 की अपनी रिपोर्ट में समिति ने गुजरात में 84 लाख गांठ तथा महाराष्ट्र में भी 84 लाख गांठ कपास के उत्पादन का अनुमान लगाया था। कपास की प्रत्येक गांठ 170 किलो की होती है।

यदि समिति का उपरोक्त अनुमान सही साबित होता है तो इस बार गुजरात को पीछे छोड़कर महाराष्ट्र देश में कपास का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य बन जाएगा।

कपास के उत्पादन में तेलंगाना तीसरे नम्बर पर बरकरार रहेगा। वहां इस बार 49.86 लाख गांठ कपास के उत्पादन का अनुमान है।

देश के मध्यवर्ती क्षेत्र में कपास का कुल उत्पादन 175.75 लाख गांठ होने का अनुमान लगाया गया है। इस क्षेत्र में गुजरात एवं महाराष्ट्र के अलावा मध्य प्रदेश भी शामिल है। मध्य प्रदेश में इस बार 15.35 लाख गांठ कपास के उत्पादन की संभावना व्यक्त की गई है।

इसी तरह समिति ने देश के दक्षिणी जोन में कुल मिलाकर 79.08 लाख गांठ कपास का उत्पादन होने का अनुमान लगाया है

जिसके तहत तेलंगाना में 49.86 लाख गांठ, कर्नाटक में 19.15 लाख गांठ, आंध्र प्रदेश में 8.77 लाख गांठ तथा तमिलनाडु में 1.30 लाख गांठ का उत्पादन शामिल है। 

जहां तक उत्तरी क्षेत्र का सवाल है तो यहां कुल 38.61 लाख गांठ कपास की पैदावार होने की उम्मीद व्यक्त की है। इसके तहत राजस्थान में 18.45 लाख गांठ, हरियाणा में 12.44 लाख गांठ तथा पंजाब में 2.72 लाख गांठ के उत्पादन की संभावना है।

इसके अलावा उड़ीसा में भी कपास का अच्छा उत्पादन होता है मगर वहां बी टी कॉटन की खेती की अनुमति नहीं दी गई है।

मांग एवं आपूर्ति का समीकरण पूरा होने के बाद समिति ने 2024-25 के मार्केटिंग सीजन की समाप्ति पर यानी 30 सितम्बर 2025 को 30.35 लाख गांठ कपास का स्टॉक बचने का अनुमान लगाया है।