गुजरात में खरीफ फसलों का रकबा गत वर्ष के लगभग बराबर
06-Oct-2025 08:22 PM
अहमदाबाद। देश के पश्चिमी प्रान्त- गुजरात में खरीफ फसलों का उत्पादन क्षेत्र शुरूआती दौर में पिछड़ने के बाद अंततः गत वर्ष के अत्यन्त निकट पहुंच गया।
राज्य कृषि विभाग की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार गुजरात में इस वर्ष खरीफ फसलों का कुल उत्पादन क्षेत्र 6 अक्टूबर तक 84.49 लाख हेक्टेयर पहुंचा जो पिछले साल की समान अवधि के बिजाई क्षेत्र 84.53 लाख हेक्टेयर से करीब 4 हजार हेक्टेयर पीछे रह गया।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक गत वर्ष के मुकाबले मौजूद पीक सीजन के दौरान गुजरात में धान का उत्पादन क्षेत्र 8.87 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 9.04 लाख हेक्टेयर, बाजरा का बिजाई क्षेत्र 1.68 लाख हेक्टेयर से सुधरकर 1.73 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा
मगर ज्वार का रकबा 19 हजार हेक्टेयर से गिरकर 12 हजार हेक्टेयर और मक्का का क्षेत्रफल 2.86 लाख हेक्टेयर से फिसलकर 2.81 लाख हेक्टेयर रह गया। धान एवं मोटे अनाजों का कुल रकबा गत वर्ष के 13.74 लाख हेक्टेयर से सुधरकर इस बार 13.81 लाख हेक्टेयर हो गया।
दलहन फसलों का क्षेत्रफल भी इस अवधि में तुवर की वजह से 4.01 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 4.61 लाख हेक्टेयर हो गया। अरहर का उत्पादन क्षेत्र तो 2.39 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 3.06 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा
मगर मूंग का रकबा 55 हजार हेक्टेयर से गिरकर 49 हजार हेक्टेयर पर आ गया। उड़द का बिजाई क्षेत्र 84 हजार हेक्टेयर के पिछले साल के स्तर पर ही बरकरार रहा।
गुजरात में तिलहन फसलों का उत्पादन क्षेत्र भी मूंगफली के सहारे 28.95 लाख हेक्टेयर से 3 लाख हेक्टेयर बढ़कर 31.95 लाख हेक्टेयर हो गया। इसके तहत मूंगफली का बिजाई क्षेत्र 19.08 लाख हेक्टेयर उछलकर 22.02 लाख हेक्टेयर तथा अरंडी का रकबा 6.35 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 6.73 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा
लेकिन दूसरी ओर सोयाबीन का बिजाई क्षेत्र 3.01 लाख हेक्टेयर से घटकर 2.78 लाख हेक्टेयर तथा तिल का क्षेत्रफल 49 हजार हेक्टेयर से गिरकर 41 हजार हेक्टेयर पर अटक गया।
इसी तरह राज्य में कपास का उत्पादन क्षेत्र गत वर्ष के 23.69 लाख हेक्टेयर से लुढ़ककर इस बार 20.83 लाख हेक्टेयर तथा ग्वार का बिजाई क्षेत्र 85 हजार हेक्टेयर से गिरकर 75 हजार हेक्टेयर रह गया।
गुजरात में खरीफ फसलों की बिजाई समाप्त हो चुकी है। आमतौर पर फसलों की हालत सामान्य या संतोषजनक बताई जा रही है लेकिन कुछ इलाकों में अत्यन्त मूसलाधार वर्षा होने कहीं-कहीं बाढ़ का नजारा रहने से फसलों को क्षति होने की आशंका भी है। मूंगफली सहित कुछ अन्य खरीफ फसलों की कटाई-तैयारी एवं मंडियों में आपूर्ति आरंभ हो चुकी है।
