घरेलू फसल की आवक एवं विदेशो से आयात के कारण दलहनों की सुगम आपूर्ति

09-Nov-2024 11:35 AM

नई दिल्ली। घरेलू प्रभाग में दाल-दलहन का भाव अब काफी हद तक स्थिर हो गया है क्योंकि एक तो खरीफकलीन मूंग, मोठ एवं उड़द के नए माल की आवक होने लगी है और दूसरे म्यांमार, अफ्रीका, ऑस्ट्रलिया, रूस तथा कनाडा जैसे देशो से अच्छी मात्रा में उड़द, तुवर, मसूर, पीली मटर तथा देशी चना का आयात जारी है। अगले महीने से कर्नाटक में अरहर (तुवर) की नई फसल की कटाई-तैयारी आरम्भ होने वाली है जिससे इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता में और बढ़ोत्तरी हो जाएगी। 

त्यौहारी सीजन की समाप्ति के बाद घरेलू प्रभाग में दाल-दलहनों की मांग समान्य स्तर पर आ गई है जिससे इसकी कीमतों में जोरदार तेजी की संभावना क्षीण पड़ती जा रही है। वैसे अगले कुछ दिनों में लग्नसरा एवं मांगलिक उत्सवोँ का सीजन आरम्भ होने वाला है जिसमे दाल-दलहन की मांग एवं खपत कुछ बढ़ने की उम्मीद है लेकिन आपूर्ति की सुगम स्थिति को देखते हुए कीमतों में ज्यादा उछाल होना मुश्किल लगता है। 

रबीकालीन दलहन फसलों और खासकर चना की बिजाई कुछ राज्यों में शुरू हो चुकी है और कुल मिलाकर इसका क्षेत्रफल बढ़ने के आसार है। दलहन बाजार पर इसका सकारात्मक मनोवैज्ञानिक असर पड़ सकता है। आगामी समय में चना, तुवर एवं उड़द के दाम में जोरदार गिरावट तो नहीं आएगी लेकिन इसमें भारी उछाल की संभावना भी कम है। विदेशो से कम से कम मार्च 2025 तक कुछ दलहनों को शुल्क मुक्त आयात जारी रहेगा।