होर्मुज स्ट्रेट के खुलने पर ईरान और अमरीका के परस्पर विरोधी दावे

12-Jun-2026 01:39 PM

नई दिल्ली। व्यापारिक दृष्टि से अत्यन्त महत्वपूर्ण जलमार्ग- होर्मुज स्ट्रेट के खुलने के बारे में अमरीका तथा ईरान द्वारा  परस्पर विरोधी दावे किए जा रहे हैं। अमरीका ने कहा है कि होर्मुज का रास्ता पूरी तरह खुला हुआ है और अमरीकी नौसेना की निगरानी में जहाजों की आवाजाही हो रही है। 

दूसरी ओर ईरान का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट पूरी तरह उसके नियंत्रण में है और उसकी इजाजत के बगैर कोई भी जहाज इस रास्ते से नहीं गुजर सकता है। होर्मुज स्ट्रेट अभी बंद है। समझा जाता है कि ईरान इस जल मार्ग से जहाजों को गुजरने की अनुमति देने के एवज में भारी टोल टैक्स वसूल रहा है। बड़े-बड़े जहाजों एवं तेल टैंकर्स के लिए इसकी राशि 19 करोड़ रुपए तक बताई जा रही है।

होर्मुज जल डमरू मध्य का रास्ता सुरक्षित नहीं होने से भारत का आयात-निर्यात भी प्रभावित हो रहा है। ईरान सहित पश्चिम एशिया, मध्य पूर्व एवं खाड़ी क्षेत्र के तमाम देश अनेक भारतीय उत्पादों के महत्वपूर्ण खरीदार हैं जिसमें बासमती चावल एवं मसाले (खासकर छोटी इलायची) मुख्य रूप से शामिल हैं। खाड़ी क्षेत्र के देशों से भारत में खनिज तेल एवं गैस तथा सूखे मेवों आदि का आयात किया जाता है।