हरियाणा एवं आसाम में सरकार द्वारा सरसों की खरीद शुरू

24-Mar-2025 05:44 PM

नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने हरियाणा एवं आसाम जैसे राज्यों में किसानों से 5950 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सरसों की खरीदारी आरंभ कर दी है।

केन्द्रीय एजेंसी- नैफेड के अनुसार 20 मार्च तक इन दोनों राज्यों में संयुक्त रूप से 864 टन से कुछ अधिक सरसों की खरीद की गई जबकि खरीद की प्रक्रिया अभी जारी है। 

उल्लेखनीय है कि केन्द्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा वर्तमान रबी सीजन के लिए अभी तक राष्ट्रीय स्तर पर 15 लाख टन सरसों की खरीद की अनुमति दी गई है।

इसके तहत मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, गुजरात, आसाम एवं छत्तीसगढ़ में खरीद की मात्रा निर्धारित हो चुकी है जबकि सबसे प्रमुख उत्पादक प्रान्त- राजस्थान के लिए इसका निर्धारण होना अभी बाकी है। 

कृषि मंत्रालय ने मध्य प्रदेश में 4.90 लाख टन, उत्तर प्रदेश में 4.79 लाख टन तथा हरियाणा में 3.36 लाख टन सरसों खरीदने की स्वीकृति प्रदान की है।

इसके अलावा गुजरात में 1.29 लाख टन, छत्तीसगढ़ में 3050 टन तथा आसाम में 62,744 टन सरसों खरीदने की मंजूरी मिली है।

राजस्थान में सरसों का मॉडल मूल्य (जिस पर सर्वाधिक कारोबार होता है) फिलहाल विभिन्न थोक मंडियों में 5200/5350 रुपए प्रति क्विंटल चल रहा है जो 5950 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूतनम समर्थन मूल्य से काफी नीचे है।

केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के अपने दूसरे अग्रिम अनुमान में 2024-25 सीजन के दौरान सरसों का घरेलू उत्पादन घटकर 128.73 लाख टन पर सिमट जाने की संभावना व्यक्त की है

जो 2023-24 सीजन के उत्पादन 132.59 लाख टन से करीब 3 लाख टन कम है। उद्योग-व्यापार संगठनों ने भी सरसों का उत्पादन 115 लाख टन से गिरकर 111.30 लाख टन पर सिमटने का अनुमान लगाया है। 

कृषि मंत्रालय ने तेलंगाना में 7280 रुपए प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 1972 टन सूरजमुखी की खरीद को भी मंजूरी दी है जिसमें से करीब 1033 टन की खरीद 21 मार्च तक हो चुकी थी।

रबी सीजन के दौरान तेलंगाना एवं आंध्र प्रदेश में 80,127 टन मूंगफली की खरीद करने की स्वीकृति दी गई है जबकि कर्नाटक में 3168 टन सैफ्लावर खरीदने की मंजूरी दी गई है।