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08-Oct-2026 07:48 PM
जकार्ता। इंडोनेशिया सरकार द्वारा अपने पाम तेल उद्योग एवं व्यापार क्षेत्र में जिस तरह का नीतिगत बदलाव किया जा रहा है उससे वैश्विक बाजार में इस महत्वपूर्ण वनस्पति तेल की आपूर्ति एवं उपलब्धता की स्थिति जटिल होने तथा कीमत मजबूत रहने की संभावना बढ़ती जा रही है। इंडोनेशिया दुनिया में पाम तेल का सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देश है।
शीर्ष उद्योग संगठन- गापकी का कहना है कि वर्तमान समय में इंडोनेशिया में बायोडीजल उत्पादन की जो क्षमता मौजूद है वह ऊंचे स्तर के मिश्रण (उपयोग) को समर्थन देने के लिए पर्याप्त माना जा रहा है लेकिन अगर बायोडीजल निर्माण में पाम तेल के मिश्रण का स्तर बढ़ाने का निर्णय लिया गया तो इसकी घरेलू मांग एवं खपत काफी बढ़ जाएगी और निर्यात उद्देश्य के लिए स्टॉक में कमी आ सकती है।
इंडोनेशिया सरकार पाम तेल के निर्यात ढांचे में व्यापक बदलाव करने की योजना बना रही है। इसके तहत बायोडीजल निर्माण में पाम तेल का उपयोग बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा जबकि निर्यात को सीमित रखने की कोशिश की जाएगी। वैसे भी इंडोनेशिया सरकार क्रूड पाम तेल (सीपीओ) के बजाए प्रोसेस्ड या रिफाइंड पाम तेल / पामोलीन के निर्यात को ज्यादा प्रोत्साहित कर रही है और स्वदेशी रिफाइनर्स को कई सुविधाएं भी दे रही हैं।
पाम तेल का कुल वैश्विक निर्यात में इंडोनेशिया का योगदान 57 प्रतिशत रहता है। भारत इसका सबसे बड़ा खरीदार है। मगर इंडोनेशिया से पाम तेल की आपूर्ति में कमी आई तो भारत को इसके नए स्रोतों पर ध्यान देना होगा। इसका प्रयास भी आरंभ हो गया है।