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08-Oct-2026 06:23 PM
दाल मिलों की मजबूत मांग और बेहतर लिवाली के समर्थन से घरेलू चना बाजार में तेजी का दौर जारी है। दिल्ली में आज चना की कीमतों में 125 रुपये प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई, जबकि मुंबई में आयातित चना के भाव 150 रुपये प्रति क्विंटल तक बढ़ गए। दिल्ली बाजार में तेजी के बाद मध्य प्रदेश लाइन चना 7,625/7,650 रुपये और राजस्थान लाइन 7,650/7,675 रुपये प्रति क्विंटल पर पहुंच गई। इसी तरह मुंबई में तंजानिया चना 7,500 रुपये, ऑस्ट्रेलिया चना 7,650 रुपये और मुंद्रा ऑस्ट्रेलिया चना 7,525 रुपये प्रति क्विंटल के स्तर पर पहुंच गया।
सीमित स्टॉक से बाजार को मजबूती
बाजार में तेजी का प्रमुख आधार दाल मिलों की मजबूत खरीद है। त्योहारी सीजन के कारण अगले डेढ़ से दो महीने तक चना दाल और बेसन की मांग मजबूत रहने की संभावना है। दूसरी ओर, घरेलू बाजार में अधिकांश दाल मिलों के पास चना का बकाया स्टॉक सीमित रह गया है। उत्पादक मंडियों में भी देशी चना की आवक अपेक्षित स्तर पर नहीं बन पा रही है। बंदरगाहों पर आयातित चना का स्टॉक भी सीमित है, जबकि तंजानिया से आयात फिलहाल कम मात्रा में हो रहा है। इसके अलावा आयातित चना के पड़ते लगातार महंगे बने हुए हैं। इन सभी कारणों से घरेलू बाजार में चना की कीमतों को लगातार समर्थन मिल रहा है।
मौसम और वैश्विक आपूर्ति भी तेजी के पक्ष में
चना बाजार की तेजी के पीछे एल नीनो एवं सूखे की चिंता, वैश्विक स्तर पर पीली मटर की सीमित उपलब्धता और रुपये में आई कमजोरी भी महत्वपूर्ण कारक हैं। कर्नाटक और महाराष्ट्र के करीब 75 फीसदी हिस्से में सूखा घोषित किया गया है। दोनों राज्य देश के प्रमुख अरहर और चना उत्पादक राज्यों में शामिल हैं।
आयातित चना के भाव भी मजबूत
ऑस्ट्रेलिया के चना के भाव नवा शेवा बंदरगाह पर कंटेनर में अक्टूबर-नवंबर शिपमेंट के लिए करीब 800 डॉलर तथा नवंबर-दिसंबर शिपमेंट के लिए करीब 810 डॉलर प्रति टन, सीएंडएफ हो गए हैं। वहीं, तंजानिया चना के भाव अक्टूबर शिपमेंट के लिए करीब 785 डॉलर प्रति टन बताए जा रहे हैं।
बाजार का रुख
मजबूत त्योहारी मांग, दाल मिलों की सक्रिय खरीद, सीमित घरेलू आवक, कम मिल स्टॉक और महंगे आयात पड़ते को देखते हुए निकट अवधि में चना बाजार में तेजी का रुख बने रहने की संभावना है। हालांकि, लगातार बढ़ते भाव पर मुनाफावसूली आने से बीच-बीच में बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।