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08-Oct-2026 05:33 PM
काठमांडू। भारत सरकार द्वारा क्रूड एवं रिफाइंड श्रेणी के सूरजमुखी तेल पर आयात शुल्क की दर में 10 प्रतिशत बिंदु की कटौती किए जाने के बाद अब नेपाल में भी उद्योग व्यापार क्षेत्र ने इस महत्वपूर्ण खाद्य तेल के आयात पर सीमा शुल्क की दर घटाने की मांग शुरू कर दी है। उसका कहना है कि भारत में क्रूड सूरजमुखी तेल के आयात को शुल्क मुक्त कर दिया गया है जिससे वहां इसका भारी-भरकम आयात हो सकता है और वहां से तस्करी के जरिए उसे नेपाल में मंगाया जा सकता है। इससे नेपाली रिफाइनरी के हितों में टकराव होगा।
उल्लेखनीय है कि नेपाल में क्रूड सूरजमुखी तेल पर 10 प्रतिशत का आयात शुल्क तथा 13 प्रतिशत का वैट लागू है। भारत में इस पर 5 प्रतिशत का जीएसटी लगता है। सीमा सड़क के जरिए यदि भारत से चोरी-छुपे क्रूड सूरजमुखी तेल नेपाल पहुंचता है तो कुछ रिफाइनर्स को फायदा हो जाएगा लेकिन इन रिफाइनर्स को नुकसान होगा जो विदेशों से 10 प्रतिशत शुल्क के साथ इसका वैधानिक ढंग से आयात करते हैं।
मोरांग स्थित एडिबल ऑयल बिजनेस एंड इंडस्ट्री आर्गेनाइजेशन के चेयरमैन का कहना है कि यदि नेपाल को भारत से सूरजमुखी तेल की स्मगलिंग होती है और उसके आयात शुल्क में कमी नहीं की जाती है तो भारत की प्रतिस्पर्धा में टिकना नेपाली उद्योग के लिए मुश्किल हो जाएगा। भारत में सूरजमुखी तेल अब 10 रुपए प्रति लीटर तक सस्ता हो जाने की संभावना है। भारत की भांति नेपाल भी रूस, यूक्रेन एवं अर्जेन्टीना से समान मूल्य स्तर पर क्रूड सूरजमुखी तेल का आयात करता है और फिर उसकी प्रोसेसिंग करके भारत को रिफाइंड सूरजमुखी तेल का निर्यात कर देता है।