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08-Oct-2026 08:17 PM
नई दिल्ली। शुरुआती दौर में काफी पिछड़ने के बाद कपास का रकबा धीरे-धीरे सुधरकर गत वर्ष के काफी करीब पहुंच गया। केन्द्रीय कृषि मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष कपास का कुल उत्पादन क्षेत्र 110.50 लाख हेक्टेयर पर पहुंचा जो पिछले साल के बिजाई क्षेत्र 111.10 लाख हेक्टेयर से 60 हजार हेक्टयर या 0.49 प्रतिशत कम है।
उत्तरी क्षेत्र के तीनों उत्पादक राज्यों- पंजाब, हरियाणा एवं राजस्थान में कपास की बिजाई घटी है। दक्षिण भारत में भी आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में मिश्रित रुख देखा गया यही स्थिति गुजरात एवं महाराष्ट्र की रही। तेलंगाना और गुजरात में कपास का उत्पादन क्षेत्र बढ़ गया मगर महाराष्ट्र एवं आंध्र प्रदेश में गत वर्ष से पीछे रह गया। कर्नाटक एवं मध्य प्रदेश में बिजाई की स्थिति लगभग सामान्य रही।
कुछ राज्यों में मौसम एवं मानसून की हालत अनुकूल नहीं रहने से कपास की फसल को नुकसान होने की आशंका है। कपास की अगैती बिजाई वाली फसल से रूई की तुड़ाई-तैयारी पहले से आरंभ हो चुकी है जबकि अब मंडियों में इसकी आवक की रफ्तार बढ़ती जा रही है।