कालीमिर्च उत्पादन दूसरे वर्ष भी घटने के अनुमान

16-Jan-2026 07:45 PM

नई दिल्ली। प्रतिकूल मौसम के चलते उत्पादक राज्य कर्नाटक के अलावा केरल में भी दूसरे वर्ष कालीमिर्च उत्पादन घटने के समाचार मिल रहे हैं। वर्तमान में केरल की मंडियों में नए मालों की छिटपुट आवक शुरू हो गई है लेकिन कर्नाटक की मंडियों में आवक फरवरी माह में शुरू होगी। कालीमिर्च के कुल उत्पादन में कर्नाटक राज्य का योगदान लगभग 50 प्रतिशत का रहता है। कर्नाटक के अलावा केरल, तमिलनाडु, मेघालय में भी उत्पादन हो रहा है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2023-24 में देश में कालीमिर्च का उत्पादन 126038 टन का रहा था जोकि वर्ष 2024-25 में घटकर 77533 टन का रह गया। व्यापारियों का मानना है कि चालू वर्ष 2025-26 के दौरान देश में कालीमिर्च का उत्पादन 55/58 हजार टन रहने की संभावना है। 

मन्दा तेजी 

सूत्रों का कहना है कि वर्तमान में आयात कम होने एवं नई फसल भी गत वर्ष की तुलना में कम रहने के समाचारों के चलते कालीमिर्च के दामों में अधिक मन्दा नहीं आएगा। आवक का दबाव बनने पर फरवरी माह के भाव घट सकते हैं लेकिन अधिक नहीं। वर्तमान में कोचीन बाजार में कालीमिर्च का भाव 700/720 रुपए प्रति किलो चल रहा है जबकि कर्नाटक की चिकमगलूर में भाव 685/690 रुपए बोला जा रहा है। 

आयात 

गत सीजन के दौरान देश में कालीमिर्च का उत्पादन घटने के कारण कालीमिर्च के आयात में वृद्धि हुई। मसाला बोर्ड द्वारा जारी किए आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2024-25 के दौरान कालीमिर्च का रिकॉर्ड आयात 48085 टन का किया गया। जबकि वर्ष 2023-24 में आयात 34211 टन का रहा था। चालू सीजन के दौरान उत्पादन में कमी को देखते हुए संभावना व्यक्त की जा रही है वर्ष 2025-26 के दौरान आयात और बढ़ सकता है। 

निर्यात

चालू सीजन के शुरूआती सात माह में हालांकि कालीमिर्च के मात्रात्मक रूप में 6 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई लेकिन अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कालीमिर्च के भाव ऊंचे होने के कारण आय में 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। मसाला बोर्ड द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-अक्टूबर- 2025 के दौरान कालीमिर्च का निर्यात 11332 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 693.90 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-अक्टूबर- 2024 में कालीमिर्च का निर्यात 12113 टन का हुआ था। और निर्यात से प्राप्त आय 567.53 करोड़ की रही।