केन्द्र सरकार की किसान पंजीकरण स्कीम में अनेक राज्य अभी तक शामिल नहीं
31-Mar-2025 12:19 PM
नई दिल्ली। केन्द्र सरकार ने जो किसान पंजीकरण अभियान आरंभ किया है उसमें अभी तक पंजाब, हरियाणा एवं कर्नाटक सहित कुछ अन्य राज्य सम्मिलित नहीं हो पाए हैं।
सरकार ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश एवं राजस्थान सहित देश के 12 राज्यों में कुल मिलाकर 10.01 करोड़ किसानों के पंजीकरण का लक्ष्य निर्धारित किया है मगर अभी तक 4.52 करोड़ किसानों का ही रजिस्ट्रेशन संभव हो सका है। इनको किसान आई कार्ड (पहचान पत्र) उपलब्ध करवा दिया गया है.
वर्तमान समय में केवल उन सभी किसानों का पंजीकरण हो रहा है जिसके पास अपने खेत हैं और उसका मालिकाना दस्तावेज (रिकॉर्ड) भी मौजूद है। आगामी चरणों में भूमिहीन किसानों को भी इसमें शामिल किया जाएगा।
केन्द्र सरकार राज्यों से प्राप्त आंकड़ों को संग्रहित करके उसके सम्पूर्ण भौगोलिक क्षेत्र के विवरण तैयार करना चाहती है। इन आंकड़ों का मिलान उन आंकड़ों के साथ किया जायेगा जिसका रिकॉर्ड सरकार के पास पहले से ही मौजूद है।
तदनुरूप आधार कार्ड पर आधारित यूनिक फार्मर आई डी सभी पंजीकृत किसानों को प्रदान किया जाएगा। इससे देश में जोतदार किसानों एवं भूमिहीन किसानों की वास्तविक संख्या का पता लगाने तथा उसके अनुरूप योजना बनाने में सहायता मिलेगी।
यह तो सर्वज्ञात तथ्य है कि जमीन के कुल क्षेत्रफल में कोई वृद्धि नहीं हुई है और उसका रकबा स्थिर, स्थायी या निश्चित है लेकिन उसके मालिकाना अधिकार बदलते रहते हैं और इसलिए किसानों की संख्या भी बढ़ जाती है। भूमिहीन किसानों की संख्या भी बढ़ रही है।
किसानों रजिस्ट्रेशन योजना खासकर उस समय सूचना की विश्वसनीयता जांचने- परखने में बहुत काम आएगी जबकि सरकार उनके उत्पादों की खरीद करेगी।
जब एक बार भूमि की धारिता, फसल बिजाई की विधि तथा औसत उत्पादकता दर आदि से सम्बन्धित तमाम सूचनाएं एवं जानकारी सरकार के पास जमा हो जाएगी तब किसानों के पंजीकरण तथा दस्तावेजों को सत्यापित करना आसान हो जाएगा।
एग्री स्टैक के अंतर्गत एक डिजीटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (डीपीआई) में जिन 12 राज्यों में किसानों के पंजीकरण की योजना बनाई गई है उसमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा एवं कर्नाटक के साथ,
तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना,बिहार, गुजरात, महाराष्ट्र, उड़ीसा, छत्तीसगढ़ तथा आसाम भी शामिल है। पंजाब, हरियाणा एवं कर्नाटक को फिलहाल इसकी सीमा से बाहर रखा गया है।
