केन्द्रीय एजेंसियों के माध्यम से 373 लाख टन चावल का वितरण-विपणन
16-Jan-2026 09:00 PM
नई दिल्ली। भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से लाभार्थियों को विशाल मात्रा में मुफ्त में चावल उपलब्ध करवाना पड़ता है और साथ ही साथ अन्य केन्द्रीय योजनाओं में की पड़ती है।
इसके आलावा एथनॉल निर्माण के लिए डिस्टीलरीज को रियायती मूल्य पर चावल मुहैया करवाया जा रहा है तथा खुले बाजार बिक्री योजना (ओएमएसएस) के जरिए भी सरकारी चावल की बिक्री की जाती है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार वित्त वर्ष 2021-22 में इन तमाम माध्यमों के जरिए कुल 550.73 लाख टन चावल का उठाव किया गया जबकि उस समय ओएमएसएस के अंतर्गत केवल 11.27 लाख टन चावल की बिक्री हुई और एथनॉल निर्माण को भी सिर्फ 1.69 लाख टन चावल बेचा गया था।
इसके अगले वर्ष चावल का अगले वर्ष चावल का कुल उठाव बढ़कर 638.06 लाख टन पर पहुंचा लेकिन 2024-25 में यह घटकर 398.63 लाख टन पर आ गया।
2024-25 में दिसम्बर तक चावल का कुल उठाव बढ़कर 373.04 लाख टन पर पहुंचा। इसके तहत विभिन्न योजनाओं में 291.07 लाख टन तथा ओएमएसएस में 44.71 लाख टन की आपूर्ति हुई जबकि एथनॉल निर्माताओं को भी 37.26 लाख टन चावल उपलब्ध करवाया गया।
इसके बावजूद केन्द्रीय पूल में अभी धान-चावल का अत्यन्त विशाल स्टॉक उपलब्ध है जबकि इसकी निकासी की गति धीमी देखी जा रही है। भारत ब्रांड के अंतर्गत चावल की खुदरा बिक्री जारी है।
राज्यों को सीधे भारतीय खाद्य निगम के डिपो से चावल का सीधे उठाव करने की स्वीकृति दी जा चुकी है। सरकार चावल का स्टॉक घटाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
