कस्टम अधिसूचना के बाद नेपाल से खाद्य तेलों का आयात घटने की संभावना

24-Mar-2025 05:50 PM

मुम्बई। कस्टम विभाग द्वारा 18 मार्च को एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की गई जिसमें रियायती शुल्क ढांचे के अंतर्गत आयातित वस्तुओं / उत्पादों के लिए आयातकों / निर्यातकों को 'मूल्य उद्गम का प्रमाण पत्र' के बजाए 'उद्गम का प्रमाण' उपलब्ध करवाने के लिए कहा गया है।

सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) को उम्मीद है कि इस अधिसूचना से नेपाल सहित सार्क संगठन के अन्य देशों खाद्य तेलों का आयात घटाने में मदद मिलेगी।

'सी' के अध्यक्ष का कहना है कि नेपाल से भारत में रिफाइंड सोयाबीन तेल तथा पाम तेल का आयात काफी बढ़ गया है जो मूल उद्गम नियम का उल्लंघन करके भेजा जा रहा है।

इससे भारतीय रिफाइनर्स एवं तिलहन उत्पादकों को भारी परेशानी हो रही है और सरकार को भी राजस्व का नुकसान हो रहा है। अब इसमें कमी आने की संभावना है। 

अध्यक्ष के मुताबिक दक्षिण एशिया मुक्त व्यापार क्षेत्र (सार्क) संधि के अंतर्गत नेपाल से शून्य शुल्क पर खाद्य तेलों का भारी आयात हो रहा है

जिससे न केवल देश के उत्तरी एवं पूर्वी राज्यों में स्वदेशी उद्योग के लिए गंभीर संकट पैदा हो गया है बल्कि यह सस्ता आयातित तेल अब भारत के दक्षिणी तथा मध्यवर्ती भाग में भी पहुंचने लगा है।

शुरुआत में कम तेल आ रहा था लेकिन अब इसकी मात्रा बहुत बढ़ गयी है जिससे भारतीय वनस्पति तेल  उद्योग के अस्तित्व के लिए खतरा बढ़ गया है।

नेपाल में सोया तेल एवं पाम तेल का नगण्य उत्पादन होता है और वह बाहर से इसका आयात करके भारत को निर्यात कर रहा है जो शुल्क मुक्त होता है। दूसरी ओर अन्य देशों में आयातित खाद्य तेलों पर सीमा शुल्क लगता है।