कृषि विकास दर अगले 2 वर्षों में तेजी से बढ़ने का अनुमान
26-Mar-2025 10:38 AM
नई दिल्ली। केन्द्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री ने कहा है कि अगले दो वर्षों के दौरान भारत में कृषि क्षेत्र की विकास दर में 20 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी हो सकती है।
उन्होंने कृषि क्षेत्र को आर्थिक दृष्टि से लाभप्रद बनाने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि उस क्षेत्र में रोजगार सृजन की असीम क्षमता एवं गुंजाईश है जिसका उपयोग किया जाना जरुरी है। ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाली 65 प्रतिशत जनसंख्या सकल घरेलू उत्पादन (जीडीपी) में केवल 12 प्रतिशत का योगदान दे रही है।
देश को हरित राजमार्ग, बंदरगाहों से सम्पर्क जोड़ने तथा परिवहन खर्च घटाने की आवश्यकता है ताकि राष्ट्रीय अर्थ व्यवस्था के विकास की गति को बल मिल सके।
केन्द्र सरकार की पहली प्राथमिकता कृषि क्षेत्र को व्यावसायिक दृष्टिकोण से लाभप्रद एवं आकर्षक बनाने और इस क्षेत्र में रोजगार के नए अवसरों का निर्माण करने की है।
मंत्री महोदय का कहना था कि देश की 65 प्रतिशत आबादी ग्रामीण क्षेत्र में निवास करती है। यदि भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थ व्यवस्था वाला देश बनना है तो जीडीपी के विकास में इस 65 प्रतिशत जनसंख्या का योगदान बढ़ाना आवश्यक होगा जो अभी सिर्फ 12 प्रतिशत के करीब है।
यदि भारत की अर्थ व्यवस्था 5 ट्रिलियन डॉलर पर पहुंचती हैं तो अमरीका और चीन के बाद भारत दुनिया में तीसरी सबसे बड़ी अर्थ व्यवस्था वाला देश बन जाएगा। सरकार ने इसका लक्ष्य रखा है और इसके लिए कृषि क्षेत्र अत्यन्त महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
सरकार सिंचाई सुविधाओं के विकास-विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है क्योंकि देश का आधा से अधिक कृषि क्षेत्र अब भी वर्षा पर ही आश्रित है। इससे फसलों के उत्पादन में अनिश्चितता बनी रहती है।
भारत में दुनिया में सर्वाधिक सफल, उपयोगी एवं कारगर टेक्नोलॉजी की जरूरत है। इसके साथ-साथ यहां जलवायु रोधी किस्मों के बीज का विकास होना आवश्यक है।
किसानों को उसके उत्पादों का लाभप्रद मूल्य अवश्य मिलना चाहिए ताकि उसमें खेती के प्रति उत्साह एवं आकर्षण बरकरार रह सके।
