महाराष्ट्र में गन्ना क्रशिंग का सीजन अंतिम चरण में पहुंचा
25-Mar-2025 08:27 PM
पुणे। महाराष्ट्र में गन्ना की क्रशिंग एवं चीनी के उत्पादन का सीजन अंतिम दौर में पहुंच गया है। वहां चालू मार्केटिंग सीजन के दौरान कुल 200 चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग आरम्भ हुई थी जिसमें से 182 इकाइयां 23 मार्च तक बंद हो चुकी थीं और केवल 18 प्लांटों में ही सीमित मात्रा में गन्ना की क्रशिंग हो रही थी।
तीन प्रमुख संभाग- कोल्हापुर, सोलापुर एवं अमरावती में सभी चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग समाप्त हो चुकी है।
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस बार 23 मार्च तक महाराष्ट्र में चीनी का कुल उत्पादन 80 लाख टन तक भी नहीं पहुंच सका और 79.75 लाख टन पर अटक गया।
जिन 18 मिलों में गन्ना की क्रशिंग हो रही है उसमें भी चीनी का भारी उत्पादन होने की संभावना नहीं है। महाराष्ट्र में गन्ना की क्रशिंग पिछले सीजन के 1046.58 लाख टन से घटकर इस बार 843.33 लाख टन तथा गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर 10.2 प्रतिशत से गिरकर 9.46 प्रतिशत रह गई।
एथनॉल निर्माण में गन्ना का उपयोग बढ़ने से चीनी के उत्पादन में और भी गिरावट आ गई। पिछले सीजन में 23 मार्च (2024) तक राज्य में 106.75 लाख टन चीनी का उत्पादन हुआ था जिसके मुकाबले इस बार उत्पादन में 27 लाख टन की भारी गिरावट आ चुकी है।
इस बार इस बार गन्ना क्रशिंग का सीजन जल्दी समाप्त हो रहा है क्योंकि मिलों को कच्चे माल की आपूर्ति नहीं हो रही है। कई मिलों की गन्ना क्रशिंग क्षमता बढ़ गई है इसलिए जो भी कच्चा माल उसे प्राप्त हुआ उसकी क्रशिंग जल्दी हो गई।
महाराष्ट्र भारत में चीनी का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य माना जाता है लेकिन इस बार उत्तर प्रदेश उससे आगे निकल कर शीर्ष स्तर पर पहुंच सकता है।
कर्नाटक चीनी के उत्पादन में तीसरे नंबर पर बरकरार रहेगा। वैसे उत्तर प्रदेश एवं कर्नाटक में भी पिछले सीजन के मुकाबले इस बार चीनी के उत्पादन में भारी गिरावट आने के संकेत मिल रहे हैं।
