महाराष्ट्र में केवल 18 चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग जारी

24-Mar-2025 06:25 PM

पुणे। देश के सबसे प्रमुख चीनी उत्पादक राज्य- महाराष्ट्र में 2024-25 के मौजूदा मार्केटिंग सीजन (अक्टूबर-सितम्बर) के दौरान कुछ 200 प्लांटों में गन्ना की क्रशिंग आरंभ हुई थी जिसमें से 182 इकाइयां 23 मार्च तक बंद हो गई और अब केवल 18 मिलें ही क्रियाशील हैं।

जिन 182 मिलों में गन्ना की क्रशिंग का कार्य समाप्त हो चुका है उसमें सोलापुर संभाग की 45, कोल्हापुर डिवीजन की 40, पुणे संभाग की 26, नांदेड की 25, अहिल्या नगर की 22, छत्रपति संभाजी नगर की 21 तथा अमरावती संभाग की 3 मिलें शामिल हैं। पिछले साल की समान अवधि में वहां 141 चीनी मिलें बंद हुई थीं। 

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 2024-25 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन के दौरान 23 मार्च 2025 तक महाराष्ट्र की इकाइयों द्वारा कुल 797.48 लाख क्विंटल (79.75 लाख टन) चीनी का निर्माण किया गया जो पिछले सीजन की समान अवधि के उत्पादन 1067.50 लाख क्विंटल या 106.75 लाख टन से 27 लाख टन कम है।

समीक्षाधीन अवधि के दौरान महाराष्ट्र में चीनी मिलों में गन्ना की क्रशिंग भी 1046.58 लाख टन से घटकर 843.33 लाख टन पर अटक गई।

इतना ही नहीं बल्कि राज्य में गन्ना से चीनी की औसत रिकवरी दर भी पिछले सीजन के 10.2 प्रतिशत से घटकर इस बार 9.46 प्रतिशत रह गई। 

उद्योग समीक्षकों के अनुसार महाराष्ट्र की चीनी मिलों को गन्ना की आपूर्ति बहुत कम हो रही है जबकि उसकी क्रशिंग क्षमता काफी बढ़ गई है। गन्ना की औसत उपज दर में इस बार भारी गिरावट देखी गई।

चीनी उत्पादन का सीजन वहां जल्दी ही समाप्त होने वाला है। इस बार राज्य में गन्ना की क्रशिंग देर से शुरू हुई थी और जल्दी समाप्त हो जाएगी।

इसके साथ-साथ एथनॉल निर्माण के लिए वहां गन्ना की अधिक मात्रा का इस्तेमाल किया गया। महाराष्ट्र के साथ-साथ कर्नाटक सहित कुछ अन्य राज्यों में भी चीनी का उत्पादन कम होने की संभावना है जिससे राष्ट्रीय स्तर पर इसके कुल उत्पादन में 50-55 लाख टन की जोरदार गिरावट आने का अनुमान है।