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26-Oct-2026 06:41 PM
दाल मिलों की बढ़ती मांग और सीमित उपलब्धता के चलते घरेलू बाजार में चना की कीमतों में तेजी का रुख रहा। हाल में आई गिरावट के बाद बाजार में फिर सुधार दर्ज किया गया।
नाफेड एवं एनसीसीएफ द्वारा कम भावों पर चना की निविदाएं स्वीकार नहीं किए जाने से भी बाजार को समर्थन मिल रहा है। ऑस्ट्रेलिया और तंजानिया से चना का आयात महंगा पड़ रहा है, जिससे आयातित माल की प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित हो रही है।
दूसरी ओर, मंडियों में देसी चना का बकाया स्टॉक सीमित बताया जा रहा है, जबकि अधिकांश दाल मिलों के पास भी पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध नहीं है। आगामी त्योहारों के चलते चना दाल और बेसन की मांग मजबूत बने रहने की उम्मीद है।
सीमित उपलब्धता, सरकारी एजेंसियों द्वारा कम भावों पर निविदाएं स्वीकार नहीं किए जाने और महंगे आयात से चना की कीमतों को आगे भी समर्थन मिल सकता है। मजबूत मांग के चलते दिल्ली बाजार में आज चना के भाव में 150 रुपए प्रति क्विंटल की तेजी दर्ज की गई।
इस तेजी के साथ मध्य प्रदेश लाइन के भाव 7,500/7,525 रुपए प्रति क्विंटल और राजस्थान लाइन के भाव 7,550/7,575 रुपए प्रति क्विंटल हो गए। इसी प्रकार, अन्य प्रमुख मंडियों में भी चना की कीमतों में तेजी का रुख रहा।