मखाना का उत्पादन बढ़ाने और लागत खर्च घटाने की जरूरत पर जोर
06-Oct-2025 01:25 PM
पटना। केन्द्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री ने देश और खासकर बिहार में मखाना का उत्पादन बढ़ाने तथा लागत खर्च घटाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा है कि घरेलू एवं निर्यात मांग को पूरा करने के लिए ऐसा करना आवश्यक है।
पटना में आयोजित 'मखाना फेस्टिवल' में भाग लेने आए केन्द्रीय कृषि मंत्री ने कहा है कि 15 सितम्बर 2025 को प्रधानमंत्री द्वारा बिहार में नेशनल मखाना बोर्ड का शुभारम्भ किया जा चुका है। यह बोर्ड मखाना की पैदावार एवं इसकी खेती में नव विकसित तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देगा।
इसके अलावा फसल की कटाई-तैयारी के बाद के प्रबंधन को मजबूत बनाने मखाना से मूल्य संवर्धित उत्पादों के निर्माण एवं कारोबार को प्रोत्साहित करने और प्रोसेसिंग को बढ़ावा देने का दायित्व भी बोर्ड का होगा।
इतना ही नहीं बल्कि यह कोई साबुत मखाना एवं मूल्य संवर्धित मखाना उत्पादों के निर्यात संवर्धन तथा ब्रांड विकास की सुविधा उपलब्ध करवाने का भी प्रयास करेगा ताकि बिहार सहित देश के अन्य राज्यों के मखाना उपादकों को फायदा हो सके। बिहार देश में मखाना का सबसे प्रमुख उत्पादक राज्य है।
देश में मखाना के कुल वार्षिक उत्पादन में अकेले बिहार का योगदान 90 प्रतिशत के करीब रहता है। बिहार में मखाना के प्रमुख उत्पादक जिलों में मधुबनी, दरभंगा, सीतामढ़ी, सहरसा, कटिहार, पूर्णिया, सुपौल, किसन गंज एवं अररिया आदि शामिल हैं। इन जिलों में मखाना उत्पादन के लिए मिटटी एवं जलवायु की स्थिति अनुकूल रहती है।
वहां उच्च क्वालिटी के मखाने का उत्पादन होता है। दरभंगा में राष्ट्रीय मखाना बोर्ड का शुभारंभ हो चुका है जिससे आगामी वर्षों के दौरान बिहार में उत्पादन बढ़ाने में अच्छी सहायता मिलने की उम्मीद है।
भारत से मखाना एवं इसके उत्पादों का निर्यात संसार के कई देशों को हो रहा है। अभी इसकी मात्रा सीमित है लेकिन धीरे-धीरे इसमें अच्छी बढ़ोत्तरी होने की उम्मीद है।
मखाना का घरेलू बाजार भाव ऊंचा चल रहा है। इस बार बिहार में अच्छी बारिश हुई है। नए माल की आवक जुलाई- अगस्त में ही शुरू हो गई थी जो अभी जारी है। त्यौहारी मांग से भाव मजबूत बना हुआ है।
