मसूर की फसल के लिए प्रमुख उत्पादक देशों में मौसम अनुकूल नहीं

14-Jun-2024 12:07 PM

वैंकुवर । हालांकि कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, रूस, कजाकिस्तान एवं अमरीका जैसे देशों में मसूर की बिजाई या तो समाप्त हो चुकी है या अंतिम चरण में पहुंच गई है लेकिन इस सभी देशों में मौसम सम्बन्धी कुछ समस्याएं बरकरार हैं।

पश्चिमी कनाडा में तो आमतौर पर मौसम अनुकूल माना जा रहा है मार कुछ इलाकों में हुई भारी वर्षा से खेतों की मिटटी में नमी का अंश बहुत बढ़ जाने से बीज में अंकुरण कम होने की आशंका है जबकि फसल पर कीड़ों-रोगों का प्रकोप बढ़ने का खतरा भी है।

इसी तरह ऑस्ट्रेलया के क्वींसलैंड तथा उत्तरी न्यू साउथ वेल्स प्रान्त में मौसम काफी हद तक सामान्य है और पतझड़ काल में हुई वर्षा से खेतों में नमी भी मौजूद है मगर साउथ आसट्रेलिया प्रान्त में वर्षा की कमी से मसूर की फसल को गंभीर खतरा बना हुआ है।

रूस और कजाकिस्तान में भी बारिश का अभाव महसूस किया जा रहा है। अमरीका में कहीं मूसलाधार बारिश हुई है तो कहीं सूखे का माहौल बना हुआ है जिससे मसूर फसल की हालत अनिश्चित बनी हुई है। 

भारत में हाल के दिनों में मसूर का भाव कुछ तेज हुआ है जिससे प्रतीत होता है कि या तो इसका उत्पादन सरकारी अनुमान से काफी कम हुआ है या फिर बड़े-बड़े किसान नीचे दाम पर अपना स्टॉक बेचने के इच्छुक नहीं है।

ऑस्ट्रेलिया और कनाडा से अपेक्षाकृत कम आयात होना भी मसूर की कीमतों में सुधर आने का एक कारण हो सकता है। मसूर का सरकारी स्टॉक भी कम बताया जा रहा है। 

चालू सप्ताह के दौरान कनाडा में मसूर का भाव लगभग स्थिर बना रहा। मोटी हरी मसूर का दाम 75 सेंट प्रति पौंड, छोटी हरी मसूर का 72 सेंट तथा लाल मसूर का दाम 36 सेंट प्रति पौंड चल रहा है।

मीडियम हरी मसूर का मूल्य 50-52 अमरीकी सेंट प्रति पौंड पर स्थिर है। कनाडा में मसूर की बिजाई समाप्त हो चुकी है।