नेपाल से आठ महीनों में करीब 56 अरब रुपए के खाद्य तेलों का निर्यात
27-Mar-2025 08:35 PM
काठमांडू। भारत के उत्तरी पड़ोसी देश- नेपाल से पिछले आठ महीनों के दौरान लगभग 56 अरब रुपए मूल्य के खाद्य तेलों का निर्यात हुआ। इससे वहां कच्चे माल के आयात, मूल्य संवर्धन तथा तैयार उत्पाद के पुनर्निर्यात में जबरदस्त बढ़ोत्तरी होने का संकेत मिलता है।
कस्टम विभाग द्वारा चालू वित्त वर्ष के आरंभिक आठ महीनों यानी फरवरी 2025 तक के लिए जारी नवीनतम विदेशी व्यापार आंकड़ों से पता चलता है कि पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले इस बार नेपाल में खाद्य तेल का आयात में महज 11.20 प्रतिशत की वृद्धि हुई
जबकि वहां से इसके निर्यात में 57.20 प्रतिशत का जोरदार इजाफा हो गया। नेपाल से निर्यात होने वाले उत्पादों में खाद्य तेलों का वर्चस्व बना हुआ है और देश के सकल निर्यात में इसकी भागीदारी नियमित रूप से बढ़ती जा रही है।
नेपाल में वित्त वर्ष जुलाई में आरंभ होकर अगले साल जून तक चलता है। 2024-25 के वर्तमान वित्त वर्ष में जुलाई 2024 से फरवरी 2025 के आठ महीनों के दौरान नेपाल से कुल मिलाकर 158 अरब रुपए मूल्य के उत्पादों का निर्यात हुआ जिसमें अकेले सोयाबीन तेल के निर्यात का योगदान 47.94 अरब रुपए रहा।
इसके बाद सूरजमुखी तेल के निर्यात की भागीदारी 7.98 अरब रुपए, इलायची की हिस्सेदारी 5.83 अरब रुपए तथा कार्पेट की भागीदारी 4.32 अरब रुपए दर्ज की गई। नेपाल अपने सोयाबीन तेल का सर्वाधिक निर्यात भारत को करता है।
समझा जाता है कि नेपाल अब लैटिन अमरीकी देशों और यूएएस के साथ-साथ चीन से भी सोया तेल का आयात करके उसे भारतीय बाजारों में भेज रहा है।
इसकी शिकायत मिलने पर भारत सरकार ने शुल्क मुक्त आयात के नियम को सख्त बना दिया है जिससे भारत में नेपाली खाद्य तेल (खासकर सोयाबीन तेल) के आयात पर कुछ अंकुश लगने की संभावना है।
निर्यात में बढ़ोत्तरी होने के बावजूद नेपाल में विदेश व्यापार घाटा लगातार बढ़ता जा रहा है जिसे नियंत्रित करने के लिए उसे कठिन संघर्ष करना पड़ रहा है।
