नेपाल से सस्ते खाद्य तेलों के आयात पर अंकुश लगने की संभावना

25-Mar-2025 05:50 PM

मुम्बई। केन्द्र सरकार की नई अधिसूचना से देश में नेपाल सहित सार्क संगठन के अन्य सदस्य देशों से खाद्य तेल समेत अन्य कृषि एवं खाद्य उत्पादों के शुल्क मुक्त आयात पर काफी हद तक अंकुश लगने की संभावना है।

कस्टम विभाग ने गत 18 मार्च 2025 को एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी की थी जिसमें आयातकों- निर्यातकों को सार्क देशों से मंगाए जाने वाले उत्पादों के लिए 'मूल उद्गम के प्रमाण पत्र' (सर्टिफिकेट ऑफ ओरिजिन) के बजाए 'मूल उद्गम का सबूत' (प्रूफ ऑफ ओरिजिन) प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

अभी तक भारतीय आयातक नेपाली निर्यातकों से प्रमाण पत्र लेकर भारत में शून्य शुल्क पर रिफाइंड सोयाबीन तेल एवं पाम तेल मंगा रहे थे मगर अब उन्हें यह साबित करना होगा कि उन्होंने जो तेल मंगाया है उसका निर्माण नेपाल में हुआ है।

चूंकि नेपाल में सोयाबीन एवं ऑयल पाम का उत्पादन बहुत कम होता है और इससे निर्मित तेल की पूरी खपत उसके घरेलू प्रभाग में हो जाती है इसलिए इसका निर्यात योग्य स्टॉक बचना बहुत मुश्किल है।

समझा जाता है कि नेपाल के आयातक अन्य निर्यातक देशों से इस खाद्य तेल का स्टॉक मंगाते हैं और फिर उसे नेपाल में उत्पादित माल के तौर पर भारत को निर्यात कर देते हैं। भारतीय आयातकों को वहां से प्रमाण पत्र भी मिल जाता है।

दक्षिण एशिया मुक्त व्यापार क्षेत्र (सार्क) संधि के तहत नेपाल, भूटान, बांग्ला देश एवं श्रीलंका जैसे देशों से भारत में अनेक वस्तुओं के आयात को शुल्क मुक्त कर दिया गया है। इसमें खाद्य तेल भी शामिल है।

लेकिन इसके लिए यह शर्त रखी गई है कि उन वस्तुओं का उत्पादन उसी देश में होना चाहिए जहां से उसे भारत में भेजा जा रहा है। लेकिन नेपाल से खाद्य तेल के आयात में इस शर्त का उल्लंघन हो रहा था

इसलिए सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (सी) के विशेष आग्रह पर सरकार ने शर्त को ज्यादा कठिन एवं व्यावहारिक बना दिया। 

नेपाल से आयातित खाद्य तेल पहले देश के उत्तरी एवं पूर्वी राज्यों में ही बिकता था मगर अब मध्यवर्ती एवं दक्षिणी भारत तक इसका विस्तार हो गया है। इससे स्वदेशी खाद्य तेल उद्योग के कारोबार को धक्का लग रहा है।