रूस के सूरजमुखी उत्पादों पर निर्यात शुल्क की अवधि बढ़ी
25-Oct-2025 12:36 PM
मास्को। सूरजमुखी तेल के सबसे प्रमुख उत्पादक एवं निर्यातक देशों की सूची में शामिल रूस की सरकार ने घरेलू प्रोसेसिंग उद्योग को प्रोत्साहित करने हेतु सूरजमुखी सीड, सूरजमुखी तेल एवं सूरजमुखी ऑयल मील पर लागू निर्यात शुल्क की समय सीमा को अगले दो सीजन तक बढ़ाने की घोषणा की है। इस तरह वर्ष 2028 तक इन उत्पादों पर निर्यात शुल्क प्रभावी रहेगा।
एक सरकरी बयान में कहा गया है कि इस निर्णय का उद्देश्य देश के अंदर तिलहनों की प्रोसेसिंग को गतिशील बनाना, घरेलू बाजार में इन उत्पादों की कीमतों को स्थिर बनाए रखना तथा आम उपभोक्ताओं को सूरजमुखी तेल एवं ऑयल मील की पर्याप्त आपूर्ति एवं उपलब्धता सुनिश्चित करना है। इसके साथ-साथ सरकार के इस फैसले से बाजार को लम्बे समय तक सीमा शुल्क के बारे में अनिश्चितता से बचाया जा सकेगा।
उल्लेखनीय है कि सूरजमुखी एवं इसके मूल्य संवर्धित उत्पादों पर पहले 31 अगस्त 2026 या वर्तमान मार्केटिंग सीजन के अंत तक के लिए सीमा शुल्क लगाने की घोषणा की गई थी
जबकि नए निर्णय के बाद अब अगस्त 2028 तक निर्यात शुल्क लागू रहेगा। सूरजमुखी बीज के लिए निर्यात शुल्क 50 प्रतिशत के स्तर पर बरकरार रहेगा
लेकिन यह 32,000 रूबल प्रति टन से कम नहीं होगा। दूसरी ओर सूरजमुखी तेल एवं ऑयल मील पर परिवर्तन शील, निर्यात शुल्क लागू होगा जिसमें समय-समय पर बदलाव किया जा सकता है।
प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 2024-25 के मार्केटिंग सीजन में रूस से करीब 51 लाख टन सूरजमुखी तेल का निर्यात हुआ जबकि 2024-25 के मार्केटिंग सीजन में रूस से करीब 51 लाख टन सूरजमुखी तेल का निर्यात हुआ
जबकि 2025-26 के वर्तमान मार्केटिंग सीजन में निर्यात कुछ बढ़कर 52-53 लाख टन पर पहुंचने की उम्मीद है। भारत में रूस से सूरजमुखी तेल का सर्वाधिक आयात किया जाता है।
