ऑयल मील के निर्यात शिपमेंट में मूंदड़ा बंदरगाह शीर्ष पर

22-Sep-2025 04:05 PM

मुंबई। भारत से ऑयल मील (तिलहन डीओसी) के निर्यात शिपमेंट में परम्परागत रूप से गुजरात का मूंदड़ा बंदरगाह शीर्ष पर रहता है मगर चालू वित्त वर्ष के शुरुआती पांच महीनो में मूंदड़ा बंदरगाह इससे काफी आगे निकल गया। मूंदड़ा बंदरगाह भी गुजरात में ही अवस्थित है। 
साल्वेंट एक्स टैक्टर्स एसोसिएशन ऑफ़ इण्डिया (सी) द्वारा संकलित आंकड़ों से पता चलता है कि चालू वित्त वर्ष के आरम्भिक पांच महीनो में यानि अप्रैल से अगस्त 2025 के दौरान भारत से 17.94 लाख टन डीओसी का निर्यात हुआ  जो वर्ष 2024 की सामान अवधि के शिपमेंट 18.69 लाख टन से करीब 4 प्रतिशत कम रहा। समीक्षाधीन अवधि के दौरान सोयामील का निर्यात 8.49 लाख टन से घटकर 7.57 लाख टन तथा अरंडी मील का निर्यात 1.17 लाख टन से गिरकर 1.07 लाख टन पर अटक गया जबकि दूसरी ओर रेपसीड का मील का शिपमेंट 8.85 लाख टन से बढ़कर 9.15 लाख टन तथा मूंगफली एक्सट्रैक्शन का शिपमेंट 5 हजार टन से उछलकर 15 हजार टन पर पहुंच गया। 
वर्ष 2024 की तुलना में अप्रैल-अगस्त 2025 के दौरान ऑयल मील का निर्यात शिपमेंट गुजरात में मूंदड़ा बंदरगाह से 4.11 लाख टन से 54 प्रतिशत उछलकर 6.34 लाख टन तथा पीपावन से 12 हजार टन बढ़कर 19 हजार टन पर पहुंचा। दूसरी ओर डीओसी का निर्यात कांडला बंदरगाह से 6.83 लाख टन से 40 प्रतिशत लुढ़ककर 4.11 लाख टन, मुंबई/जेएनपीटी से 3.04 लाख टन से फिसलकर 3.01 लाख टन तथा अन्य बंदरगाहों से 4.48 लाख टन  से 4 प्रतिशत गिरकर 4.29 लाख टन रह गया। इस तरह समिक्षाधीन अवधि के दौरान ऑयल मील के निर्यात शिपमेंट में मूंदड़ा बंदरगाह की भागीदार 35 प्रतिशत, कांडला की 23 प्रतिशत, मुंबई/जेएनपीटी की 17 प्रतिशत, पीपावान की 1 प्रतिशत तथा अन्य बंदरगाहों की हिस्सेदारी 24 प्रतिशत दर्ज की गई। चीन, दक्षिण कोरिया, बांग्ला देश, थाईलैंड, जर्मनी, वियतनाम तथा फ़्रांस भारतीय ऑयल मील के प्रमुख खरीदार रहे। वियतनाम में भारत से डीओसी का निर्यात घटना चिंता का विषय माना जा रहा है।