पूर्वी भारत में साइक्लोनिक सर्कुलेशन से वर्षा एवं बर्फबारी
31-Mar-2025 12:57 PM
गुवाहाटी। पूर्वी एवं पूर्वोत्तर भारत के ऊपर पिछले सप्ताह एक अर्द्ध स्थायी साइक्लोनिक सर्कुलेशन के मौजूद होने से अरुणचल प्रदेश में भारी वर्षा एवं बर्फबारी हुई।
पूर्वोत्तर आसाम के ऊपर उपस्थित इस सर्कुलेशन के प्रभाव से अरुणाचल प्रदेश के साथ-साथ आसाम, मेघालय, पश्चिम बंगाल के पर्वतीय क्षेत्रों तथा सिक्किम में दूर-दूर तक हल्की से सामान्य बारिश होने तथा गरज-चमक के साथ बौछार पड़ने की सूचना मिल रही है। 28 मार्च से इसकी शुरुआत हो गई थी।
मध्यवर्ती एवं दक्षिणी भारत में मानसून-पूर्व के परम्परागत माहौल की विशेषता नजर आने लगी है। उत्तरी मध्य महाराष्ट्र से उत्तरी-दक्षिणी दिशा की ओर एक ट्रफ का गमन हुआ।
यह ट्रफ 28 को आंतरिक कर्नाटक से होते हुए उत्तरी केरल में पहुंचा लेकिन जल्दी ही इसका दायरा सीमित हो गया। बाद में यह ट्रफ उत्तरी आंतरिक कर्नाटक से लेकर दक्षिणी तमिलनाडु तक सिमट गया।
इस ट्रफ को नजदीकी समुद्र नमी प्राप्त हुई और हवा का रूख अनुकूल होने से यह अपने आगे बढ़ने के क्रम में आने वाले स्थानों पर बारिश की सौगात देता रहा।
उधर बंगाल की खाड़ी के ऊपर चालू सप्ताह के दौरान एक कम दाब का क्षेत्र बनने की संभावना व्यक्त की गई है। गत सप्ताह के अंतिम दिनों के दौरान मध्य महाराष्ट्र, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, कोंकण, गोवा, मराठवाड़ा, केरल, माही, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक, तटीय कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश तथा यानम में तेज हवा के साथ बारिश हुई।
बंगाल की खाड़ी में जो कम दाब का क्षेत्र निर्मित होने वाला है वह मानसून-पूर्व के सीजन का दस्तक दे सकता है। इससे देश के कुछ राज्यों में बारिश होने के आसार हैं। पश्चिमोत्तर क्षेत्र में ठंडी हवा के साथ मौसम शुष्क बना हुआ है।
