पश्चिमी विक्षोभ के गुजरने से गुजरात- राजस्थान में तापमान बढ़ा

25-Mar-2025 07:59 PM

तिरुअनन्तपुरम। भीषण गर्मी एवं ऊंचे तापमान का रास्ता अब धीरे-धीरे मुड़कर गुजरात, राजस्थान एवं पूर्वी पाकिस्तान की ओर जा रहा है जबकि पहले वहां पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से गर्मी का प्रकोप कम हो गया था।

उधर सीजनल मौसम की गतिशीलता के कारण पूर्वी तथा पूर्वोत्तर भारत में तापमान नीचे आने लगा है और दक्षिणी प्रायद्वीप में बारिश होने लगी है।

कुछ समय पूर्व तक झारखंड, उड़ीसा एवं छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में विस्फोटक गर्मीं पड़ रही थी और कहीं-कहीं तापमान  उछलकर 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था लेकिन अब वहां हीट वेव का प्रकोप घट गया है। 

23-24 मार्च को तटीय आंध्र प्रदेश एवं तेलंगाना में मूसलाधार बारिश हुई जबकि दक्षिण भारत में कई अन्य जगहों पर भी अच्छी वर्षा हो गई। इसके साथ-साथ पूर्वी एवं पूर्वोत्तर राज्यों में तापमान नीचे गिर गया जिससे रबी फसलों को थोड़ी राहत मिल रही है। उधर तेलंगाना में भारी वर्षा एवं ओलावृष्टि से रबी फसलों को काफी नुकसान होने की सूचना मिल रही है। 

पश्चिमी तथा पश्चिमोत्तर राज्यों- पंजाब, हरियाणा, गुजरात एवं राजस्थान के साथ-साथ उत्तर प्रदेश एवं मध्य प्रदेश में गेहूं,जौ, चना, मसूर, मटर, सरसों तथा अन्य रबी फसलों की कटाई-तैयारी या तो शुरू हो चुकी है या आरंभ होने वाली है। ऐसे समय में मौसम का अनुकूल होना अत्यन्त आवश्यक है।

ऊंचा तापमान होने वाली है। ऐसे समय में मौसम का अनुकूल होना अत्यन्त आवश्यक है। ऊंचा तापमान उसके लिए उपयुक्त नहीं होगा।

खेतों की मिटटी में नमी का अंश पहले ही काफी घट चुका है। यदि गर्मी का प्रकोप बढ़ा तो पिछैती बिजाई वाली फसलों की प्रगति एवं उपज दर प्रभावित हो सकती है।

दक्षिणी एवं पूर्वी भारत में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना अभी बनी हुई है मगर पश्चिमी एवं पश्चिमोत्तर राज्यों में रबी फसलों की सेहत के लिए खतरा बढ़ने की आशंका है।

अगले महीने गर्मीं का प्रकोप और भी बढ़ सकता है। फरवरी के बाद मार्च का महीना भी काफी गर्म रहा लेकिन रबी फसलों पर अभी तक इसका कोई विशेष असर नहीं पड़ा है।