राजस्थान में सरकारी खरीद के लिए गेहूं के गुणवत्ता मानकों में रियायत

24-Mar-2025 07:48 PM

कोटा। देश के पश्चिमी प्रान्त- राजस्थान में यद्यपि गेहूं का सकल उत्पादन पिछले साल के लगभग बराबर ही होने का अनुमान लगाया जा रहा है लेकिन कहीं अत्यधिक बारिश होने तो कहीं भयंकर गर्मी पड़ने से गेहूं के दाने की क्वालिटी प्रभावित हुई है।


इसे ध्यान में रखकर राज्य सरकार के विशेष आग्रह पर केन्द्र सरकार ने राजस्थान में सरकारी खरीद के लिए गेहूं की क्वालिटी के लिए निर्धारित मानकों में छूट देने की घोषणा की है। इससे किसानों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। 

केन्द्रीय खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग द्वारा किए गए निर्णय के मुताबिक 2025-26 के रबी मार्केटिंग सीजन के दौरान राज्य में गेहूं के स्टॉक में चिपटे (सिकुड़े) या टूटे दाने के स्वीकृत अंश को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत नियत किया गया है।


लेकिन यह शर्त रखी गई है कि कुल ढेर (स्टॉक) में क्षतिग्रस्त अथवा आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त दाने की मात्रा संयुक्त रूप से 6 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसी तरह चमकहीन (लस्टर लॉस) दाने का अंश 10 प्रतिशत से ज्यादा मान्य नहीं होगा।


इन मानकों पर खरीदे गए गेहूं के स्टॉक को सामान्य औसत क्वालिटी वाले स्टॉक से अलग रखा जाएगा और उसका उपयोग राजस्थान के अंदर ही किया जाएगा।


दरअसल 2024-25 सीजन के दौरान राजस्थान में मौसम की प्रतिकूल स्थिति के कारण गेहूं की गुणवत्ता पर असर पड़ा है।


सरकार किसानों को कोई नुकसान नहीं होने देना चाहती है और इसलिए गुणवत्ता मानकों के पूर्व प्रचलित स्तर पर खरा नहीं उतरने वाले अनाज की खरीद भी सुनिश्चित करेगी।


केन्द्र सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि रियायती मानक वाले गेहूं को राजस्थान से बाहर नहीं भेजा जाए और सामान्य क्वालिटी वाले गेहूं के स्टॉक से पूर्व प्राथमिकता के आधार पर रियायती मानक वाले गेहूं का स्टॉक बाहर निकालकर उसका उपयोग किया जाए। 


उल्लेखनीय है कि केन्द्र सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2023-24 सीजन के 2275 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 2024-25 सीजन के लिए 2425 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित किया है


जबकि राजस्थान में इस पर 150 रुपए प्रति क्विंटल का अतिरिक्त बोनस देने की घोषणा की गई है। इसके फलस्वरूप राज्य के किसानों को 2575 रुपए क्विंटल का मूल्य प्राप्त होगा।