सौंफ की बिजाई घटने की आशंका
19-Dec-2025 07:12 PM
कीमतों में अधिक मंदा नहीं
नई दिल्ली। वर्तमान में निर्यातक एवं लोकल व्यापार कम होने के कारण सौंफ के भाव नरमी के साथ बोले जा रहे हैं। लेकिन उत्पादक केन्द्रों पर बिजाई घटने के समाचारों से हाल-फिलहाल कीमतों में अधिक मंदे की संभावना नहीं है। उल्लेखनीय है कि चालू माह के शुरू में सौंफ का निर्यात भाव 92/93 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा था जोकि वर्तमान में 89/90 रुपए पर बोला जा रहा है। मगर सूत्रों का कहना है कि बिजाई घटने की आशंका से स्टॉकिस्ट घटे भावों पर बिकवाली नहीं कर रहा है। माना जा रहा है कि आगामी दिनों में निर्यात मांग निकलने पर कीमतों में सुधार संभव है। लेकिन अभी अधिक तेजी के आसार नहीं है। क्योंकि जनवरी माह में गुजरात की मंडियों में नए सौंफ की आवक शुरू हो जाने के अनुमान लगाए जा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 के दौरान देश में सौंफ की बिजाई 1.97 लाख हेक्टेयर पर की गई थी जोकि वर्ष 2025 में घटकर 92 हजार की रह गई। चालू सीजन के दौरान भी बिजाई और घटने की संभावना है। हाल ही में गुजरात कृषि विभाग द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार गुजरात में सौंफ की बिजाई गत वर्ष के 38369 हेक्टेयर के मुकाबले 35506 हेक्टेयर पर की गई है। बिजाई का कार्य अंतिम चरण में हैं। गत वर्ष गुजरात में सौंफ की कुल बिजाई 45280 हेक्टेयर पर की गई थी। राजस्थान में भी इस वर्ष क्षेत्रफल में 10/15 प्रतिशत की कमी आने के समाचार मिल रहे हैं। गत वर्ष राजस्थान में सौंफ की कुल बिजाई 38 हजार हेक्टेयर पर की गई थी।
उत्पादन
उत्पादक केन्द्रों से मिल रहे बिजाई के समाचारों को देखते हुए संभावना व्यक्त की जा रही है कि वर्ष 2026 के दौरान भी सौंफ के उत्पादन में गिरावट आएगी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024 के दौरान देश में सौंफ का रिकॉर्ड उत्पादन 38/40 लाख बोरी (प्रत्येक बोरी 55 किलो) का रहा था जोकि वर्ष 2025 में घटकर 18/20 लाख बोरी का रह गया। उल्लेखनीय है कि सौंफ का मुख्यतः उत्पादन गुजरात एवं राजस्थान में होता है।
आवक
वर्तमान में प्रमुख उत्पादक राज्य गुजरात की ऊंझा मंडी में सौंफ की आवक 2500/3000 बोरी की चल रही है और क्वालिटीनुसार भाव 70/85 रुपए प्रति किलो बोला जा रहा है। राजस्थान की मेड़ता, नागौर मंडी में आवक 300/400 बोरी की चल रही है और क्वालिटीनुसार भाव 65/85 रुपए बोला जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि गुजरात में नए सौंफ की आवक जनवरी में शुरू हो जाएगी जबकि राजस्थान में मार्च में शुरू होगी।
निर्यात कम
वर्ष 2024-25 के दौरान सौंफ का रिकॉर्ड निर्यात होने के पश्चात वर्ष 2025-26 के प्रथम 6 माह में सौंफ का निर्यात बुरी तरह से घटा है। एक और जहां मात्रात्मक रुप में 65 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। वहीं आय भी 53 प्रतिशत घटी है। मसाला बोर्ड द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल-सितम्बर 2025 के दौरान सौंफ का निर्यात 18351 टन का रहा और निर्यात से प्राप्त आय 232.36 करोड़ की रही। जबकि अप्रैल-सितम्बर-2024 के दौरान सौंफ का निर्यात 53187 टन का रहा था और प्राप्त आय 493.57 करोड़ की रही थी। उल्लेखनीय है कि वर्ष 2024-25 (अप्रैल-मार्च) के दौरान सौंफ का रिकॉर्ड निर्यात 76586 टन का हुआ था और निर्यात से प्राप्त आय 765.44 करोड़ की रही थी।
