सही समय पर सरकार से गेहूं के निर्यात की अनुमति देने का आग्रह
19-Dec-2025 04:02 PM
नई दिल्ली। वर्ष 2026 में गेहूं के रिकॉर्ड उत्पादन की संभावना को देखते हुए व्यापारियों ने सरकार से सही समय पर नीतिगत हस्तक्षेप करते हुए इसके निर्यात को खोलने पर विचार करने का आग्रह किया है ताकि किसानों को कम बाजार भाव के कारण होने वाले वित्तीय नुकसान से बचाया जा सके।
उद्योग- व्यापार क्षेत्र के अनुसार 2025-26 के रबी सीजन में गेहूं का उत्पादन तेजी से बढ़कर सर्वकालीन सर्वोच्च स्तर पर पहुंच जाने की उम्मीद है। इसके फलस्वरूप बाजार में इसकी आपूर्ति एवं उपलब्धता काफी बढ़ जाएगी और कीमत घटकर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से नीचे आ सकती है।
सरकार को विशाल मात्रा में किसानों से इसकी खरीद करनी पड़ेगी जिससे केन्द्रीय पूल में गेहूं का स्टॉक काफी बढ़ जाएगा इसके बाद भी मंडियों में भारी मात्रा में गेहूं की आपूर्ति होती रहेगी जिससे कीमतों पर दबाव रह सकता है।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि गेहूं के उत्पादन में 50 लाख टन का इजाफा होना निश्चित लगता है। उद्यमियों- व्यापारियों के पास भी इसका अच्छा खासा स्टॉक मौजूद होना निश्चित लगता है इसलिए किसानों को उचित एवं लाभप्रद मूल्य पर अपना अनाज बेचने के लिए कठिन संघर्ष करना पड़ सकता है।
ऐसी हालत में अगर सरकार सही समय पर गेहूं तथा इसके सभी मूल्य संवर्धित उत्पादों का निर्यात खोलने की घोषणा करेगी तो किसानों को बेहतर आमदनी हासिल करने में सहायता मिल सकती है।
समीक्षकों के अनुसार सरकार भले ही गेहूं का निर्यात अगले साल खोलने का निर्णय ले मगर उसे गेहूं उत्पादों के निर्यात की अनुमति देने में देर नहीं करनी चाहिए।
इससे मिलर्स- प्रोसेसर्स के पास मौजूद गेहूं की जोरदार मिलिंग होगी और स्टॉक में कमी आएगी। तभी वे अगले साल गेहूं की भारी खरीद का प्रयास कर सकते हैं। अगर अगले साल मई तक गेहूं का निर्यात नहीं खोला गया तो इसके भंडारण का गंभीर संकट उत्पन्न हो सकता है।
